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    ग्रीन बेल्ट की हरियाली भी कर दी नष्ट, नगर परिषद और HSVP की बेशकिमती जमीन पर भूमाफिया का कब्जा

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 04:29 PM (IST)

    रेवाड़ी शहर में नगर परिषद और एचएसवीपी की कीमती जमीन पर भूमाफिया का कब्जा है। ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण और व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं। एचएसवीपी और नगर परिषद की कार्रवाई में ढिलाई के कारण अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है जिससे ग्रीन बेल्ट बुरी तरह प्रभावित है। छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई होती है लेकिन प्रभावशाली लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

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    नप और एचएसवीपी की बेशकिमती जमीन पर भूमाफिया का कब्जा

    जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। शहर में नगर परिषद एवं एचएसवीपी की करीब 30 एकड़ बेशकीमती जमीन पर भूमाफिया का कब्जा है। कहीं टीन शेड डालकर रोडी-बजरी की दुकान चलाई जा रही है तो कहीं पर लोगों ने पक्के निर्माण कर लिए है। अधिकांश ग्रीनबेल्ट को भी भूमाफिया डकार गए है। जहां पेड़-पौधे होने चाहिए थे, वहां पक्के चबूतरे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का दायरा बढ़ा लिया गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और नगर परिषद की ढुलमुल कार्रवाई के लिए अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

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    कई जगह पक्का निर्माण किया

    बता दें कि शहर के बावल रोड स्थित आईओसी चौक से झज्जर रोड तक करीब पांच किलोमीटर की दूरी में बनाए गए बाईपास के दोनों ओर करीब 20 फीट चौड़ी ग्रीन बेल्ट है। इसको हरा भरा करने की योजना थी। एचएसवीपी और कुछ संगठनों ने काम शुरू भी किया, लेकिन इस जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा करना शुरू कर दिया।

    कई जगह पक्का निर्माण कर लिया गया। पोसवाल चौक और पायलट चौक के आसपास के क्षेत्र में भी ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अतिक्रमण हो गया है। कालोनियों में ग्रीन बेल्ट की जमीन पर प्लाॅट तक काट दिए गए हैं, जिससे काॅलोनियों की आरक्षित जगह पर नगर परिषद बगीचे नहीं बना सकी। लोगों ने खाली जमीन का वाहन पार्किंग के साथ अन्य उपयोग शुरू कर दिया है।

    अतिक्रमण की चपेट में ग्रीन बेल्ट

    हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण व नगर परिषद की जमीन पर बेरोकटोक व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं। किसी ने बेचने के लिए ईंट-रोड़ी, क्रसर डाला हुआ है तो किसी ने दुकान खोली हुई है। ग्रीन बेल्ट पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है। कई लोगों ने ग्रीन बेल्ट को निजी बना लिया है।

    किसी ने तार लगाकर पार्क के तौर पर उसे अपने लिए रिजर्व बना लिया है तो किसी ने अपना निजी रास्ता ग्रीन बेल्ट से बना लिया है तथा कई लोग ग्रीन बेल्ट पर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

    यहां तक कि सेक्टरों के अंदर में ग्रीन बेल्ट पर लोगों का कब्जा है। शहर के बीच में नेहरू पार्क के पास, ब्रास मार्केट, माडल टाउन सहित कई स्थानों की ग्रीन बेल्ट भी खत्म कर दी गई है।

    छोटे दुकानदारों पर ही दिखती है सख्ती

    एचएसवीपी और नप की ओर से ग्रीन बेल्ट पर कब्जे करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है, लेकिन यह अभियान रेहड़ी संचालकों और छोटे दुकानदारों को हटाने तक ही सीमित होकर रह गया। जबकि ग्रीन बेल्ट पर लोगों द्वारा किया गया अवैध कब्जा साफ तौर पर देखा जा सकता है। प्रभावी लोगों के खिलाफ अधिकारी भी कार्रवाई करने से परहेज करते हैं।

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