Rewari News: मोबाइल एप से मिलेगा फसलों में लगने वाले कीड़ों और बीमारियों का समाधान, किसान समय रहते कर सकेंगे रोकथाम
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फरीदाबाद केंद्र के साथ मिलकर रेवाड़ी में कपास की फसल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने किसानों को कीट प्रबंधन और बायो पेस्टीसाइड उपायों के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली एप के उपयोग से अनावश्यक कीटनाशकों को रोकने की सलाह दी गई।

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और क्षेत्रीय एकीकृत नाशी जीवन प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद की ओर से कॉटन यानि कपास की फसल का निरीक्षण और सर्वेक्षण किया गया।
कईै गांवों में पहुंची अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों की टीम के सदस्यों ने कॉटन फसल की स्थिति का जायजा लिया और किसानों को कीट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया।
इसके साथ ही किसानों को एक एप की जानकारी दी गई, जिससे वे फसल में लगने वाले कीड़ों और बीमारियों के बारे में जान कर समाधान भी कर सकेंगे।
कीड़ों की निगरानी और रोकथाम के बारे में किसानों को बताया
रीजनल सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर (CIPMC) के क्षेत्रीय अधिकारी एवं उपनिदेशक डॉ. वंदना पाण्डेय के निर्देशन में कृषि विभाग के डाॅ. मनोज कुमार वर्मा एवं डाॅ. संदीप बजाज ने सर्वेक्षण किया।
किसानों को काॅटन की फसल में लगने वाले कीड़ों एवं बीमारियों से निपटने के उपकरणों और बायो पेस्टीसाइड उपायों के बारे में बताया गया, जिससे फसल अच्छी हो।
विशेषज्ञों ने फसल के शुरुआती दौर में एक खेत में कीड़ों की निगरानी करने और रोकथाम के लिए दवाइयों का छिड़काव करने की भी सलाह दी।
मोबाइल एप से मिलेगा कीड़ों और बीमारियों से बचाव का समाधान
किसानों को राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली मोबाइल एप के उपयोग के बारे में भी बताया गया। इस एप से किसान अपनी फसल में लगने वाले कीड़ों और बीमारियों से बचाव के लिए तत्काल समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
इस एप के जरिये समय रहते किसानों को जानकारी मिलेगी, जिससे खेतों में अनावश्यक पेस्टीसाइड के इस्तेमाल को भी रोकने में मदद मिलेगी।
संयुक्त सर्वेक्षण के दौरान टीम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी लक्ष्मीकांत, केपी शर्मा, सूरज बरनवाल ने भी किसानों को फसल पैदावार बढ़ाने के उपाय बताए।
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