रेवाड़ी में अर्नब चक्रवात से किसानों को भारी नुकसान, बाजरा और सरसों की फसल बर्बाद
रेवाड़ी में अर्नब चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। मंडी में रखा बाजरा ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
अर्नब चक्रवात से रेवाड़ी के किसानों को दोहरी मार।
मंडी में रखा बाजरा बारिश से पूरी तरह भीगा।
खेतों में बोई गई सरसों की फसल हुई नष्ट।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। तटीय क्षेत्र में आए अर्नब चक्रवात ने रेवाड़ी जिले के किसानों पर दोहरी मार की है। जिन किसानों ने अपना बाजरा बिक्री के लिए बोरियों में भरकर नई अनाज मंडी में खुले आसमान तले रखा था, वह पूरी तरह भीग गया।
वहीं खेतों में पीला सोना यानी सरसों उगने से पहले ही बिजाई नष्ट हो गई है, क्योंकि जिले के अधिकांश किसान सरसों की बिजाई कर चुके हैं। जिले में सरसों की रकबा करीब 80 हजार हेक्टेयर है।
सरसों के लिए नुकसान, गेहूं फसल के लिए फायदा
कृषि मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भी वर्षा की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 20 दिन पहले सरसों की बिजाई करने वाले किसानों के खेत में पानी भरने से अगेती फसल को नुकसान हुआ है।
वहीं जिन्होंने अभी कुछ दिन पहले ही बिजाई की थी, वह भी खराब हो गई है। किसानों को अब दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। हालांकि गेहूं की बिजाई के लिए यह वर्षा काफी लाभदायक है। वर्षा के कारण अनाज मंडी में खुले आसमान तले रखी बाजरे की 400 से अधिक बोरियां भीग गईं।
लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
दरअसल, पिछले 24 घंटे के अंदर जिले में करीब 80 एमएम वर्षा हुई है। बृहस्पतिवार को शुरू हुआ वर्षा का दौर लगातार दूसरे दिन शुक्रवार दोपहर बाद जारी रहा। सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक तो वर्षा की झड़ी लगी रही। जिसकी वजह से विशेषकर शहर में जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आया।
अधिकांश इलाकों में जलभराव हो गया। निचले इलाकों में लोगों के घरों तक पानी घुस गया, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं देर रात्रि तेज वर्षा के साथ शहर के शुक्रपुरा में लाल मजिस्द, नई आबादी और धारूहेड़ा चुंगी पर बिजली के ट्रांसफार्मर पर आसमानी बिजली गिरी, जिसकी वजह से मजिस्द और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही इलाके की बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम पर असर
चौधरी चरणसिंह कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ के अनुसार, 31 अक्टूबर तक मौसम खुश्क परंतु पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने तथा कहीं-कहीं हवाओं व गरज चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है।
इस दौरान कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज वर्षा भी हो सकती है। दो दिनों तक हुई वर्षा के कारण दिन के तापमान में गिरावट हुई है। सुबह व शाम हल्की ठंड बनी रहेगी।
इस वर्षा से किसानों को नुकसान ही हुआ है। जिले में अधिकांश सरसों की बिजाई हो चुकी है। अब 15-20 दिन बाद गेहूं की बिजाई आरंभ हो जाएगी। अब मौसम साफ होने से गेहूं की बिजाई के लिए अनुकूल वातावरण होगा। पर्याप्त मात्रा में नमी से फायदा मिलेगा। किसानों से खेतों में भरा पानी निकासी करने की सलाह दी जाती है।
डॉ. अनिल यादव, खंड कृषि अधिकारी।
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