जागरण संवाददाता, पानीपत : यमुनानगर से किसानों के काफिले के साथ सिघु बार्डर के लिए निकले भाकियू (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी मंगलवार दोपहर पानीपत टोल प्लाजा पर भी रुके। किसान व मजदूर संगठनों ने उनका स्वागत किया।

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सप्ताहभर के लिए सस्पेंड करने के संबंध में पत्रकारों के सवाल पर चढ़ूनी ने कहा कि सस्पेंड होकर मेरा क्या बुरा हुआ? जिन्होंने सस्पेंड किया है, उन्हीं का नुकसान हुआ है। उन्हीं को लोग बुरा बता रहे हैं। मैंने तो एक अपनी विचारधारा रखी है। चाहे वो सप्ताह के बाद फिर सस्पेंड करें, मेरी विचारधारा नहीं बदलेगी। सस्पेंड के बावजूद और कोई दंड लगाना चाहें तो वो भी लगा लें। आंदोलन में हमारी भागीदारी पहले से भी ज्यादा सक्रिय रहेगी।

उन्होंने कहा कि सस्पेंड के बाद हम उत्तराखंड गए। अब यमुनानगर से चलकर सिघु बार्डर पर जा रहे हैं। हमारी सक्रियता जारी रहेगी और संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर काम करते रहेंगे। चढ़ूनी ने कहा कि लोगों के अंदर जोश और आक्रोश का मिश्रण हुआ है। जोश वही है जो आठ महीने पहले था। आक्रोश बढ़ गया है।

मान गुट द्वारा पुतला फूंकने के सवाल पर चढूनी ने कहा कि हम आग लगाना नहीं, बल्कि बुझाना चाहते हैं। चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि जब चंबल का डाकू चुनाव लड़ सकता है तो किसान और मजदूर क्यों नहीं। सरकार संसद के अंदर सत्र चलाएगी और 22 जुलाई से किसान बाहर बैठकर अपनी संसद चलाएंगे। इस मौके पर जिला महासचिव राजेंद्र दहिया, एडवोकेट संदीप सिगरोहा, सचिव राजू मलिक, देवेंद्र जाटल, मोहित रूहल, लखविद्र खालसा, मोहब्बत सिंह, नदीम डाडोला, रामबीर झट्टीपुर मौजूद रहे।

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