जागरण संवाददाता, पानीपत : सर, आपका नंबर कहीं से मिला है। प्लीज सर किसी को मेरे बारे में बताना नहीं। प्लीज। .. और इसके बाद चुप्पी। सर,आप सुन रहे हैं ना..। फुसफुसाहट में छुपी उसकी याचना, हां करने पर मजबूर करती है। ..और इस हामी के बाद उसने बताना शुरू , जो उसने बताया वह सोचने पर विवश कर रहा है कि आखिर इनका गुनाह है क्या? क्या सिर्फ प्रेम करना। जिसकी सजा इन्हें कैदियों की तरह ¨जदगी बसर करके काटनी पड़ रही है।

सर मैं सेफ हाउस में हूं। यहां हम बहुत ही अनहाइजीन माहौल में रह रहे हैं। यह कहने का सेफ हाउस है। यहां तो ऐसा लगता है, हम सबसे ज्यादा अनसेफ है। बाहर का खतरा तो फिर भी पहचाना जा सकता है। यहां तो हर जगह इतना खतरा है कि इससे बचना ही मुश्किल हो रहा है। पता नहीं कब हम यहां खराब माहौल में संक्रमण का शिकार हो जाए। कोई बीमारी ही हमें लग जाए । तुम्हारी बात पर यकीन कैसे करें? इस सवाल पर उसने वहां की एक वीडियो बना कर डाली। जो उसकी बात को सही साबित करने के लिए काफी है। कुछ फोटो भी डाल दिए।

अब क्योंकि सेफ हाउस में जाने की इजाजत तो नहीं है, ऐसे में उसके आसपास से जानकारी जुटा कर इस प्रेमी जोड़े की परेशानी को समझने की कोशिश की। पाया कि सेफ हाउस बस कहने भर के हैं, हकीकत तो यह है कि यह किसी नर्क से कम नहीं है। यहां हर तरफ गंदगी है। गर्मी और नमी युक्त इस मौसम में यहां एक क्षण भी रहना मुश्किल हो रहा है। करनाल के सेफ हाउस में आठ जोड़े रह रहे हैं। एक बैरकनुमा छोटी सी जगह पर ही 16 लोगों का एक साथ रहना इस गर्मी के मौसम में सजा से कम नहीं है। अंदर से जानकारी देने वाले युवक ने बताया कि एक एसी हैं, लेकिन कमरा बड़ा है, लोग ज्यादा, इस पर भी एसी को अक्सर बाहर से बंद कर दिया जाता है, इसलिए उन्हें अंदर घुटन भरे वातावरण में रहना पड़ रहा है। इस युवक ने बताया कि यहां उन्हें हर वक्त डराया जाता है। उन्हें इस बात की इजाजत नहीं कि वे यहां के हालात पर कोई ऐतराज जता सके। यदि ऐसा करने वाले का नाम सार्वजनिक हो गया तो उसे लेने के देने पड़ सकते हैं। यहीं वजह थी कि अंदर की जानकारी देने वाला युवक अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद ¨चतित है। उसने बताया कि बाकी के जोड़े उसे ऐसा करने से रोक रहे हैं। फिर भी वह उनसे छुप कर यहां की अव्यवस्था शेयर कर रहा है। आनर कि¨लग से बचाने के लिए बने सेफ हाउस

प्रदेश में प्रेम विवाह पर आनर कि¨लग की बढ़ती घटनाओं के बाद सेफ हाउस बनाये गये हैं। यहां प्रेम विवाह करने वाले उन जोड़ों को रखा जाता है, जिनकी जान को खतरा है। यहां उन्हें तब तक रहना पड़ता है जब तक बाहर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित न हो जाए। यहां रह रहे युवक ने बताया कि सुरक्षा के नाम पर उन्हें खिड़की से झांकने की इजाजत तक नहीं है। उन्हें बस इसी बंद कमरे में रहना है। इस वजह से वे कई बार झुंझला भी जाते हैं। कोई प्राइवेट स्पेश नहीं, जहां दो मिनट पार्टनर से मन की बात कह सके

यहां शादीशुदा जोड़ों को एक साथ रखा जाता है। नवनवेली दुल्हन और दुल्हे को कोई ऐसा प्राइवेट स्पेश नहीं मिलता जहां वे दो मिनट अपने मन की बात कह सके। सभी को एक जगह पर एक साथ ही सोना पड़ता है। दिन में उन्हें उसी कमरे में रहना होता है। जो कि उनके लिए बेहद तकलीफदेह स्थिति पैदा कर रहा है। एक शौचालय, 16 लोग

इस वक्त यहां आठ प्रेमी जोड़े रह रहे हैं। सेफ हाउस में एक ही शौचालय है। इसकी भी सफाई नहीं होती। इस वजह से इसमें भारी गंदगी भरी हुई है। इसी शौचालय में उन्हें नहाना पड़ रहा है। उस अनाम ने बताया कि इस गर्मी में भी वे शौचालय की गंदगी की वजह से कई कई दिन नहाने से बचते रहते हैं। जब शरीर में खुजली होने लगती है तभी नहाने को जाते हैं।

खाने के 60 रूपये वसूल, लेकिन क्वालिटी घटिया

खाने के एक जोड़े से 60 रूपये वसूले जाते हैं। उसने बताया कि यहां इतनी इजाजत है कि घरवाले पैसा भेज सकते हैं। लेकिन यहां खाना एक ही ढाबे से आ सकता है,जिसे प्रशासन ने तय कर रखा है। वह ढाबा संचालक खाने की क्वालिटी की ओर कतई ध्यान नहीं देता। उन्हें दो वक्त ही खाना दिया जाता है। नाश्ता 11 बजे और रात का खाना सात बजे तक दे दिया जाता है। दस रुपये की चाय दी जाती है, जो कि पानी जैसी है।

Posted By: Jagran