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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Tokyo Olympics: अपने बेटे निज्‍जू के लिए रखा था शिवरात्रि व्रत, भोले बाबा, दूर तक भाला फेंकने की ताकत देना

By Anurag ShuklaEdited By:
Published: Sat, 07 Aug 2021 08:46 AM (IST)

पानीपत के खंडरा गांव के लोग नीरज चोपड़ा को प्‍यार से निज्‍जू कहते हैं। उन्‍हें निज्‍जू पर भरोसा कि दबाव ...और पढ़ें

आज जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का फाइनल मैच है।
आज जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का फाइनल मैच है।

पानीपत, जागरण संवाददाता। मतलौडा के गांव खंडरा में अलग ही उत्साह दिखाई दे रहा है। घर-घर में एक ही चर्चा है कि उनके गांव का नीरज चोपड़ा भाला फेंकने में सबसे आगे निकलेगा। देश को पदक जिताएगा। जिस तरह क्वालीफाइ राउंड में सबसे टाप पर रहा, फाइनल में भी आगे रहेगा। गांव में नीरज को उससे बड़ी उम्र के लोग प्यार से निज्जू कहते हैं। बुजुर्ग कहते सुनाई दिए, निज्जू पूरी ताकत से भाला फेंकेगा। नीरज के लिए शिवरात्रि का व्रत रखा। भोला बाबा से उसकी सफलता की कामना की। 

सुरेंद्र और इंद्र ने जागरण से बातचीत में कहा, निज्जू की मेहनत रंग ल्यावेगी। गाम म्ह गोल्ड आवेगा तो पूरे गाम की तस्वीर बदल ज्यागी। कर्मवीर चोपड़ा, कृष्ण, पवन, भूपेंद्र, रविंद्र, पंकज, सुमित व सुरेंद्र ने बताया कि नीरज ने छोटे से गांव का नाम बहुत बड़ा बना दिया है। पूरे गांव को नीरज से गोल्ड जीतने की उम्मीद है। युवाओं को उम्मीद है कि गांव में गोल्ड आने के बाद गांव की किस्मत बदलनी तय है। प्रदेश सरकार गांव को कोई भी बड़ा स्टेडियम या कोई बड़ी सौगात दे सकती है। अगर गांव में ओर नए युवा नीरज की तरह आगे बढ़ने लगे तो गांव का नक्शा ही बदल जाएगा। युवाओं को कामयाबी मिलेगी और नशे जैसी बुराइयों से बचे रहेंगे।

नीरज के लिए रखा व्रत

गांव में लोगों ने नीरज के लिए शिवरात्रि का व्रत भी रखा। इंद्र ने बताया कि सुबह ही शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए कहा था कि भोले बाबा, हमारे नीरज को जीता देना। नीरज पर दबाव होगा लेकिन वो इससे निकल आएगा। सेना का जवान है। अनुशासन में रहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नीरज से कहा था कि दबाव में मत खेलना। अपना शत प्रतिशत देना। सफलता जरूर मिलेगी।

शाम तक समय निकालना मुश्किल

ग्रामीणों ने कहा कि अब शनिवार शाम का इंतजार नहीं होता। शाम चार बजे के बाद मुकाबला होना है। वे नीरज को देखना चाहते हैं। नीरज जब गांव आएगा तो उसका जोरदार स्वागत करेंगे। चूरमा खिलाएंगे।