जागरण संवाददाता, समालखा : कान में लीड लगाकर पटरी पर गाने सुनने के शगल ने एक युवक की जान ले ली। ट्रेन चालक ने बार-बार हार्न बजाया लेकिन उसने सुना नहीं। घटना सुबह सात बजे की है।

उसके पास मिले फोन और दस्तावेज से उसकी पहचान 24 वर्षीय जितेंद्र पुत्र दिलीप ¨सह वासी ग्वालड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी। पिता और उसके भाई के बयान पर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

दिलीप ¨सह ने कहा कि जितेंद्र पहले पूना (महाराष्ट्र) में प्राइवेट नौकरी करता था। कुछ दिन पहले वह घर आया था। सोमवार को वह नौकरी की तलाश में निजी फैक्ट्री में अधिकारी से मिलने आ रहा था। नेस्ले फैक्ट्री के पास दिल्ली अंबाला लेन पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गया। इससे जितेंद्र की गर्दन व हाथ कट गया।

जीआरपी चौकी प्रभारी जोगिन्द्र ¨सह ने कहा कि जितेंद्र अविवाहित था। कान में लगी लीड के कारण सीटी की आवाज सुनाई न देने से वह ट्रेन की चपेट में आ गया। चालक ने पुलिस को घटना की सूचना दी।

15 बार कॉल की, जितेंद्र ने बात नहीं की

जितेंद्र के बड़े भाई नरेंद्र ने बताया कि पशुओं को चारा डालने के बाद जितेंद्र घर से चला गया था। उसकी पत्नी ने कहा कि नाश्ता बन गया है जितेंद्र को बुला लीजिए। उसने 15 बार कॉल की लेकिन उसने बात नहीं की। बाद में उसके पास जीआरपी से कॉल आई, तभी भाई की मौत की सूचना मिली।

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