चीनी निर्यात पर रोक से प्रभावित हो रही शुगर मिल की बिक्री
चीनी के निर्यात पर सरकार की रोक और प्रदेशों में मांग घटने से शुगर मिल प्रशासन के सामने बिक्री का संकट उत्पन्न हो गया है। विगत सात माह में मिल प्रबंधन ने केवल 139.760 क्विटल की बिक्री की है। जन वितरण की दुकान (पीडीएस) और लोकल खरीद के भरोसे चीनी की बिक्री चल रही है।

जागरण संवाददाता, पानीपत : चीनी के निर्यात पर सरकार की रोक और प्रदेशों में मांग घटने से शुगर मिल प्रशासन के सामने बिक्री का संकट उत्पन्न हो गया है। विगत सात माह में मिल प्रबंधन ने केवल 1,39.760 क्विटल की बिक्री की है। जन वितरण की दुकान (पीडीएस) और लोकल खरीद के भरोसे चीनी की बिक्री चल रही है। प्रबंधन को आमदनी का टोटा हो गया है।
गौरतलब है कि कोरोना के कारण विश्व के प्रमुख उत्पादक देशों ने चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत ने भी जून, 2021 में अपने निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। उसके बाद रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने से प्रतिबंध हट नहीं सका। एजेंटों से माल खरीदने वाले विभिन्न प्रदेशों ने भी अपने यहां खपत कम कर दी। बाजार में मांग घटने से शुगर मिलों की बिक्री पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सात माह में केवल 1,39,760 क्विटल चीनी बिक सकी है, जबकि 30 हजार क्विटल लिमिट के अनुसार 2,10,000 क्विटल बिकनी चाहिए थी। एजेंटों के माध्यम से चीनी बेचती है मिल
शुगर मिल के पास से दर्जन के करीब एजेंट चीनी की खरीद करते हैं। इनके माध्यम से ही प्रदेश सहित विदेशी आयातकों को चीनी भेजी जाती है। बिक्री का दूसरा साधन मिल परिसर में बना इकलौता आउटलेट और पीडीएस है। विदेश भेजने पर रोक और प्रदेशों में डिमांड घटने से एजेंटों की ओर से कम डिमांड आ रही है। इससे मिल प्रबंधन की आर्थिक सेहत कमजोर हो रही है। रखरखाव खर्च भी बढ़ रहा है। अगले सीजन में 4 से 5 लाख क्विटल हो जाएगा उत्पादन
जिले में गन्ना किसानों की संख्या बढ़ने के साथ रकबा भी बढ़ रहा है। जिले में 27 हजार की जगह 29,000 हजार एकड़ पर गन्ने की खेती होने लगी है। शुगर मिल को अगले सीजन में 60 लाख क्विटल गन्ना आने की उम्मीद है। नई मिल की पेराई क्षमता पहले से छह गुना अधिक हो गई है। पहले मिल की 18 हजार क्विटल प्रतिदिन की पेराई क्षमता थी, जो अब बढ़कर एक लाख क्विटल प्रतिदिन की हो गई है। नई मिल की क्षमता के हिसाब से अगले सीजन से 4 से 5 लाख क्विटल चीनी का उत्पादन हो सकता है। उसके बाद मिल की चीनी बिक्री की समस्या और बढ़ जाएगी।
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