करनाल, जागरण संवाददाता। अंडर-18 वालीबाल भारतीय टीम में गांव पोपड़ा के छोरे शेखर के चयन से साबित हो गया है कि प्रदेश सरकार की खेल नीति का लाभ प्रत्येक गांव के खिलाड़ियों तक पहुंच रहा है। साधारण किसान के बेटे शेखर के परिवार का खेलों से नाता नहीं है बावजूद मेहनत और काबलियत के बलबूते आज शेखर का चयन भारत की अंडर-18 टीम में हुआ।

15 अगस्त को जब भारत आजादी का जश्न मना रहा होगा तब ईरान (तेहरान) में आयोजित एशियन वालीबाल चैंपियनशिप में भारतीय टीम अपनी जीत के लिए जापान को मात देने के लिए मैदान में उतरेगी। शेखर के चयन से गांव ही नहीं बल्कि जिला व प्रदेश के खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है।

प्राइमरी कक्षा से वालीबाल का अभ्यास शुरू किया

गांव पोपड़ा वासी किसान पिता रामफल टूरन ने बताया कि परिवार खेती-किसानी पर निर्भर है और खेलों की अधिक जानकारी भी नहीं है। शेखर जब चोरकारसा के स्कूल में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण कर रहा था तो प्रशिक्षक प्रवीण के नेतृत्व में चांदकौर अकादमी में वालीबाल खेलना शुरू किया है। 17 वर्षीय शेखर की फुर्ती और ऊंचे कद के कारण उनकी वालीबाल में पहचान बनी और बेहतर प्रदर्शन के चलते भारतीय खेल प्राधिकरण कुरुक्षेत्र में शेखर का चयन कर लिया गया। फिलहाल शेखर कक्षा 12वीं का विद्यार्थी है और कुरुक्षेत्र में ही पढ़ाई के साथ-साथ वालीबाल का अभ्यास करते हैं।

देश की सीनियर वालीबाल टीम में खेलने का लक्ष्य

दो भाई और बहन में वालीबाल खिलाड़ी शेखर छोटा है और माता माफी गृहणी हैं। शेखर के मामा अरविंद्र मेहला ने बताया कि शेखर का लक्ष्य देश की सीनियर वालीबाल टीम में खेलकर मेडल जीतने का है। भारतीय टीम के 20 खिलाड़ियों में चयनित शेखर के चयन से गांव में खुशी का माहौल है और सभी को शेखर से बेहतर खेल की उम्मीद है। वालीबाल में बेहतर प्रदर्शन के कारण ही उन्हें भारत की अंडर-18 टीम के लिए चयन किया गया है। वहीं, शेखर के अनुसार 15 अगस्त को जापान की टीम के साथ उनका मुकाबला होगा और जीत के मकसद से ही टीम मैदान में उतरेगी। कोच राहुल सांगवान के नेतृत्व में चैंपियनशिप के दौरान जीत को चूमकर 28-29 अगस्त को वापसी करेंगे।

Edited By: Anurag Shukla