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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वागत गेट निर्माण में घोटाला, सरपंच को दिया नोटिस

By JagranEdited By:
Published: Fri, 29 Jan 2021 07:26 AM (IST)

एक स्वागत गेट का एसेसमेंट मूल्य 165646 रुपये बनता है। जिसे औसत मान कर सभी चार स्वागत गेटों का एसेसमेंट 6 लाख 62 हजार 5

स्वागत गेट निर्माण में घोटाला, सरपंच को दिया नोटिस
स्वागत गेट निर्माण में घोटाला, सरपंच को दिया नोटिस

संवाद सूत्र, थर्मल-मतलौडा : खंडरा के सरपंच शैलेंद्र को पद का दुरुपयोग करने का दोषी माना गया है। कारण बताओ नोटिस दिया गया है। अगर जवाब संतोषजनक न हुआ तो निलंबित किया जा सकता है।

खंडरा वासी रमेश चंद्र ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत गांव खंडरा में बने चारों स्वागत गेट पर किए गए खर्च की रिपोर्ट मांगी थी। मौका पर दो स्वागत गेट खंडरा से शेरा रोड व बाल जाटान रोड पर गिरे हुए पाए गए तथा दो स्वागत गेट खंडरा से पानीपत व थिराना रोड पर अपनी जगह मौजूद मिले। एक स्वागत गेट का एसेसमेंट मूल्य 165646 रुपये बनता है। जिसे औसत मान कर सभी चार स्वागत गेटों का एसेसमेंट 6 लाख 62 हजार 584 रुपये बनता है।

सरपंच द्वारा उपलब्ध करवाई गई बिलों की प्रति अनुसार इन चारों स्वागत गेट पर 14 लाख 21 हजार 193 रुपये खर्च दिखाया गया है। इस प्रकार ग्राम पंचायत को कुल 7 लाख 58 हजार 609 रुपये की वित्तीय हानि पहुंचाए जाने का दोषी पाया गया।इस आधार पर जिला उपायुक्त ने गांव खंडरा के सरपंच शैलेंद्र के विरुद्ध हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 के तहत कार्रवाई करके उसे सरपंच के पद से निलंबित करने का नोटिस जारी किया गया है।

इसी अधिनियम की धारा 51(3) के तहत नियमित जांच में आरोप सिद्ध होने पर सरपंच को पद से हटाए जाने की बात भी कही गई है। इसके लिए सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अपना लिखित उत्तर नोटिस प्राप्ति के सात दिन के अंदर अंदर कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। अन्यथा सरपंच के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई अमल में लाए जाने की भी बात कही गई है।

नहीं किया फंड का दुरुपयोग

इस संबंध में शैलेंद्र ने बताया कि उन्होंने पंचायती फंड का कोई भी दुरुपयोग नहीं किया है। तकनीकी अधिकारी ने शिकायतकर्ता के दबाव में आकर जांच औसतन के आधार पर की है, जो कि गलत है। अब उसने खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी को पत्र लिखकर बीएंडआर के मापदंड के अनुसार जांच की मांग की है। बीएंडआर के मापदंड में उनके ऊपर कोई रिकवरी आती है तो वह इसे भरने को तैयार हैं।