आपके काम की खबर, राजस्व रिकार्ड होगा संरक्षित, उर्दू से हिंदी में कर रहे रूपांतरण, स्कैनिंग शुरू
पानीपत में राजस्व रिकार्ड को संरक्षित रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रिकार्डस का उर्दू से हिंदी में रूपांतरण किया जा रहा है। इसके लिए स्कैनिंग भी शुरू हो चुकी है। हार्ड कापी को बार कोड वाले बाक्स में सुरक्षित रखा जाएगा।

पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत में राजस्व विभाग के रिकार्ड को संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राजस्व विभाग ने तहसील और एसडीएम कार्यालय से संबंधित सभी रिकार्ड को सुरक्षित रखने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए कैपिटल बिजनेस सिस्टम लिमिटेड को ठेका दिया गया है। उर्दू में लिखे पुरानी रजिस्ट्री, इंतकाल, मसाबी, जमाबंदी आदि को हिंदी में अनुवाद कर लिया गया है। दस्तावेजों को स्कैन कर चिप में करने के लिए स्कैनर व कंप्यूटर लगाने का काम चल रहा है। हार्ड कापी को बाक्स में बार कोड के साथ रखा जाएगा। इसकी चिप कंप्यूटर में होगी। एक क्लिक में लोगों को दस्तावेज मिल जाएगा। पटवारी और कानून गो के पास धक्के खाने और तीमारदारी करने की जरूरत लोगों को नहीं पड़ेगी। इससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। समय की भी बचत होगी।
तहसील में बनाए गए दो स्ट्रांग रूम
उल्लेखनीय है कि राजस्व, रजिस्ट्रेशन, मसाबी आदि रिकार्ड को चीर काल तक सुरक्षित रखने के लिए तहसील में दो स्ट्रांग रूम बनाए हैं। हारट्रोन के माध्यम से निजी कंपनी को अलग अलग कामों का ठेका दिया गया है। कंपनी उर्दू दस्तावेज का हिंदी रूपांतरण करने के बाद सभी हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी आदि के दस्तावेजों को स्कैन करेगी। इसका चिप कंप्यूटर में होगा, जबकि हार्ड कापी को वर्ष वार अलग अलग बक्से में रखा जाएगा। खोजने में आसानी के चलते बाक्स में बार कोड भी लगाया जाएगा।
निजी कंपनी को ठेका दिया है
तहसीलदार सुमनलता ने बताया कि सरकार की ओर से निजी कंपनी को इसका ठेका दिया गया है। कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। उर्दू भाषा के दस्तावेज रूपांतरित हो चुके हैं। स्कैनिंग के लिए कंप्यूटर और उपकरण लगाए जा रहे हैं। तीन से चार माह में यह काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद जरूरतमंदों को एक क्लिक पर जरूरी दस्तावेज की कापी मिल सकेगी। रिकार्ड में छेड़छाड़ सहित इसके चोरी होना का खतरा नहीं रहेगा।
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