कैथल, जागरण संवाददाता। Rail Roko Andolan: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को आंदोलनकारी किसानों द्वारा किए जाने वाले रेल रोकाे प्रदर्शन के तहत कैथल में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन के तहत आंदोलनकारी किसान नए बस स्टैंड के समीप स्थित न्यू कैथल रेलवे हाल्ट पर ट्रैक पर बैठे हैं। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता होशियार गिल व भरत सिंह बेनिवाल संयुक्त रूप से कर रहे हैं। सुबह के समय यह आंदोलनकारी किसान पहले हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए। जिसके बाद वे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे।

बता दें कि कैथल से केवल एक ही ट्रेन गुजरती है, जो यहां पर रात पौने दस बजे पहुंचती है। जबकि इसके अलावा दिन में एक भी पैसेंजर ट्रेन यहां से नहीं निकलती है। यहां से केवल माल ढुलाई करने वाली ट्रेन ही गुजरती है। जो आंदोलन के कारण यहां से नहीं गुजरेगी। आंदोलनकारी किसानों द्वारा सुबह 10 से शाम चार बजे तक रेल रोकाे प्रदर्शन का एलान किया गया है। जिसके तहत किसान सुबह के समय ही एकत्रित हो चुके हैं।

पिछले साल से कैथल में नहीं पहुंच रही कोई पैसेंजर ट्रेन

बता दें कि कोरोना महामारी की शुरूआत में कैथल में नरवाना-कुरुक्षेत्र रेल सेक्शन से गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेन को बंद किया गया था। डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद यहां पर इन ट्रेनों को अभी तक शुरू नहीं किया गया है। यहां पर पर दौलतपुर-चंडीगढ़-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ही रात के समय गुजरती है। परंतु सुबह के समय एक भी ट्रेन नहीं गुजरती है। ऐसे किसानों के सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक रेल रोको प्रदर्शन के दौरान कोई ट्रेन यहां से नहीं गुजरेगी।

न्यू कैथल रेलवे हाल्ट व कलायत में ट्रैक पर डटे हैं किसान, नहीं गुजरी कोई ट्रेन

कैथल में भी संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आंदोलनकारी किसान न्यू कैथल रेलवे हाल्ट व कलायत में ट्रैक पर बैठे हैं। अांदोलन कारी किसान सुबह नौ बजे हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए थे। जिसके बाद दस बजे न्यू कैथल रेलवे हाल्ट पर पहुंचे। रेल रोको प्रदर्शन के दौरान कैथल से एक भी ट्रेन नहीं गुजरी है। वर्तमान में यहां से केवल जयपुर दौलतपुर इंटरसिटी ट्रेन ही गुजरती है, जो यहां पर रात नौ बजकर 45 मिनट पर पहुंचती है। जबकि इसके अलावा दिन में यहां से कोई भी पैसेंजर ट्रेन नहीं गुजरती। यहां से केवल माल ढुलाई करने वाली ट्रेन ही गुजरती है, लेकिन सोमवार को किसानों के ट्रैक पर डटे होने कारण मालगाड़ी भी यहां से नहीं गुजरी है।

Edited By: Anurag Shukla