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    Sachin Tendulkar को देख क्रिकेटर बनने की ठानी, अब अंडर-19 टीम के कप्तान हैं Priyam Garg

    By Anurag ShuklaEdited By:
    Updated: Sun, 23 Jun 2019 11:50 AM (IST)

    इंग्लैंड की उछाल भरी पिचों का मिजाज समझने के लिए अंडर-19 टीम के कप्तान प्रियम गर्ग इन दिनों पानीपत में अभ्यास कर रहे हें। पानीपत की एकेडमी में सीमेंट पिच पर एस्टोटर्फ बिछा है।

    Sachin Tendulkar को देख क्रिकेटर बनने की ठानी, अब अंडर-19 टीम के कप्तान हैं Priyam Garg

    पानीपत, [विजय गाहल्याण]। टीवी पर सचिन को खेलते देख हर किसी की तमन्ना क्रिकेट में नाम करने की होती थी। लेकिन इस खिलाड़ी ने न सिर्फ सचिन को अपना आदर्श माना, बल्कि कड़ी मेहनत करते हुए अंडर-19 क्रिकेट टीम का कप्तान बनकर दिखाया।  उत्तर प्रदेश के मेरठ के छोटे से कस्बे परीक्षितगढ़ के 18 वर्षीय प्रियम गर्ग क्रिकेट जगत का उभरता सितारा हैं। भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान प्रियम यूं ही नहीं इस मुकाम तक पहुंचे हैं। इसके लिए उन्हें आर्थिक संकट के साथ-साथ खेल के सामान तक के लिए जूझना पड़ा। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। फिलहाल, प्रियम पानीपत के सेक्टर-25 पार्ट-2 स्थित एमिगोज स्पोट्र्स एकेडमी में अभ्यास कर रहे हैं।

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    प्रियम ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में बताया कि सात साल की आयु में टीवी पर सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट खेलते देखा और तभी से ठान लिया था कि वह भी बल्लेबाज बनेंगे। कस्बे व आसपास क्षेत्र में क्रिकेट का मैदान नहीं था। गली में क्रिकेट खेला। 

    अमीरों का खेल है क्रिकेट, पढ़ाई पर ध्यान दो
    ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले पिता नरेश कुमार गर्ग से इच्छा जताई कि उन्हें मेरठ के विक्टोरिया पार्क क्रिकेट स्टेडियम में अभ्यास के लिए भेज दें। इस पर पिता नाराज हो गए और डांटकर कहा कि क्रिकेट अमीरों का खेल हैं। पढ़ाई पर ध्यान दो। हालांकि, प्रियम ने पिता की बात का बुरा नहीं माना और गली क्रिकेट नहीं छोड़ा। एक दिन मामा सुनील कुमार ने उन्हें खेलते देखा और पिता से बात कर विक्टोरिया स्टेडियम में कोच आशीष शर्मा के के पास ले गए। घर से वह 22 किलोमीटर का बस से लटक कर एक घंटे का सफर तय करके स्टेडियम में जाते थे। कई बार चोटिल होने से बचे, लेकिन अभ्यास नहीं छोड़ा। यहीं से उसके खेल में निखारा आया और आगे बढ़ते चले गए।

    रणजी ट्रॉफी में ठोक डाले 814 रन
    मध्यक्रम के बल्लेबाज प्रियम ने 2016 में श्रीलंका में हुए अंडर-19 एशिया कप में पांच मैचे में 130 रन बनाए। उत्तर प्रदेश की टीम से खेलते हुए रणजी ट्राफी में 10 मैच में 814 रन ठोक डाले। तभी से चयनकर्ताओं की उन पर नजर पड़ी। गत दिनों सूरत में प्रियम को इंडिया अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया। इंडिया की टीम 14 जुलाई से 11 अगस्त तक इंग्लैंड में ट्रायंगुलर क्रिकेट सीरीज खेलेगी। इसमें इंडिया के सामने इंग्लैंड और बांग्लादेश की टीमें होंगी। 

    हर रोज 1200 गेदों का करते हैं सामना
    प्रियम ने बताया कि इंग्लैंड की पिच उछाल भरी हैं, इसलिए वह पानीपत में एमिगोज स्पोर्टस एकेडमी के मुख्य कोच आशीष शर्मा, विनोद खर्ब, प्रदीप नाथी और अनिरुद्ध की निगरानी में अभ्यास कर रहे हैं। यहां पर सीमेंट की पिच पर एस्टोटर्फ भी बिछा है। वह हर रोज आठ घंटे अभ्यास कर 1200 गेदों का सामना करते हैं। 

    मिठाई से है परहेज
    प्रियम कहते हैं कि मेरी सफलता का राज स्वस्थ शरीर है। बीसीसीआइ से तय शेड्यूल के हिसाब से ही भोजन लेते हैं। रसगुल्ले खाना पसंद है, लेकिन मोटापा न बढ़ जाए इसलिए इससे परहेज रखा है। अन्य मिठाइयां भी नहीं खाते हैं। तली व चटपटी चीजों से भी दूर ही रहते हैं। 

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