मौसम बिगाड़ रहा सेहत, कमजोर हो रही रोग प्रतिरोधक क्षमता, ऐसे बचें
बदलते मौसम में सेहत भी बिगड़ रही है। बीमारी की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में तीसरी लहर खतरनाक साबित हो सकती है। वायरल-टायफाइड उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े। सिविल अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 50 से ज्यादा मरीज।
पानीपत, जागरण संवाददाता। कोरोना की दूसरी लहर दम तोड़ चुकी है, तीसरी का डर सता रहा है। कभी बरसात तो कभी तेज गर्मी जिलावासियों की सेहत बिगाड़ रही है। वायरल, टायफाइड बुखार, निमोनिया, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने लगे हैं। सिविल अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में बुखार के रोजाना 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। डर इस बात का भी है कि इन मरीजों के जरिए ही तीसरी लहर दस्तक ने दे दे।
फिजिशियन कंसल्टेंट डा. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि दिन की तेज गर्मी में लोग ठंडा पानी,आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक सेवन कर लेते हैं। रात्रि में कूलर-एसी चलाकर सोते हैं। रेफ्रिजरेटर में रखा भोजन खाते हैं। इससे जुकाम-खांसी और वायरल बुखार होता है। बच्चों को कई दिन बुखार रहने से निमोनिया की स्थिति बन जाती है। मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। वायरल संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति तक भी पहुंचता है,इसलिए कोरोना का डर भी बना हुआ है। काफी मरीजों के डेंगू-मलेरिया की जांच भी कराई,हालांकि अभी तक कोई पाजिटिव केस नहीं मिला है। बुखार-खांसी के हर मरीज को कोरोना जांच की सलाह दी जा रही है।
डा. त्यागी के मुताबिक टायफाइड का मुख्य कारण दूषित खानपान है। खासकर, दूषित जल का सेवन करने से टायफाइड बुखार होता है। इस मौसम में उल्टी-दस्त भी पैर पसारता है। स्वस्थ रहना है तो बचाव के उपाय करने जरूरी हैं। अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लें।
वायरल बुखार के लक्षण
-खांसी-जुकाम-तेज बुखार
-थकान, जोड़ो में दर्द
-मांसपेशियों या बदन में दर्द
-सिर और गले में दर्द
-दस्त लगना
-त्वचा पर लाल रेशे
-आंखें लाल होना
टायफाइड बुखार के लक्षण
-102 डिग्री सेल्सियस से अधिक बुखार।
-शरीर में अत्यधिक कमजोरी आना।
-पेट दर्द, सिर दर्द, भूख कम लगना।
-उल्टी-दस्त लगना।
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