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    पानीपत नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए भटकते रहे परिजन, पांच साल की बच्ची ने तोड़ा दम

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 07:09 AM (IST)

    पानीपत के नागरिक अस्पताल में पांच साल की बच्ची दृष्टि की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे कई घंटों तक बच्ची को लेकर भटकते रहे पर उसे इलाज नहीं मिला। विरोध करने पर पुलिस बुलाई गई। सिविल सर्जन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

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    इलाज के लिए भटकते रहे स्वजन, पांच साल की बच्ची ने तोड़ा दम (File Phot)

    जागरण संवाददाता, पानीपत। नागरिक अस्पताल में वीरवार शाम को संदिग्ध हालात में पांच साल की बच्ची दृष्टि की मौत हो गई। स्वजन ने इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।

    आरोप है स्वजन बच्चे के इलाज के लिए कई घंटे तक इधर से उधर चक्कर काटते रहे, इलाज नहीं मिला। जब स्वजन ने यहां इमरजेंसी में विरोध किया तो डाक्टरों ने पुलिस बुला ली। तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। पुराना औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव स्वजन को सौंप दिया है।

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    काबड़ी रोड स्थित शक्ति नगर निवासी प्रभाकर कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के नालदा जिला का रहने वाला है। वह दो बच्चों का पिता था। छोटी बेटी पांच साल की दृष्टि थी।

    दृष्टि के हाथ पर छोटी गांठ हुई थी। वह उसे लेकर कालोनी में ही डॉ. सुरेंद्र के पास गए। उन्होंने दवा दे दी। कुछ देर बाद दृष्टि की तबीयत बिगड़ने लगी। वह मंगलवार दोपहर को दृष्टि को नागरिक अस्पताल में लेकर आए। उन्होंने पर्ची कटवाई और डाक्टर के केबिन में गए। यहां से उसने तीसरी मंजिल पर भेज दिया।

    यहां बताया कि डाक्टर रात को 8 बजे मिलेंगे। फिर उसे वापस नीचे ओपीडी ब्लॉक में भेजा। ऐसे वह दो घंटे तक चक्कर काटते रहे। फिर उन्हें इमरजेंसी में भेजा। यहां भी दृष्टि को किसी ने नहीं देखा।

    दृष्टि का मुंह सूख रहा था, उसे देखना उचित नहीं समझा। सास ने दृष्टि को पानी पिलाया, इसके बाद उसका का शरीर ढीला पड़ गया। जब उन्होंने डाक्टरों व कर्मचारियों की इस अनदेखी का विरोध किया तो उन्होंने पुलिस बुला ली फिर दृष्टि की जांच शुरू की, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    मामले की जांच की जाएगी

    सिविल सर्जन डा. विजय मलिक ने कहा कि जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। कभी ऐसी लापरवाही सामने नहीं आई। मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा निश्चित तौर पर कार्रवाई करेंगे।