Panipat News: 3 बहनों के इकलौते भाई ने फंदा लगाकर दी जान, पिता बोले- नौकरी से निकाले जाने से था परेशान
पानीपत की परशुराम कॉलोनी में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता ने फैक्टरी मालिक पर नौकरी से निकालने और इलाज का पैसा न देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मालिक और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

जागरण संवाददाता, पानीपत। परशुराम कॉलोनी में तीन बहनों के इकलौते भाई ने फंदा लगाकर जान दे दी। युवक का दो माह पहले फैक्टरी में काम करते हुए पैर टूटा था। पिता का आरोप है कि अब फैक्टरी मालिक ने उसके बेटे को नौकरी से निकाल दिया और उसे इलाज का पैसा देने से भी इंकार कर दिया।
इसी से परेशान होकर उसके बेटे ने शनिवार सुबह चार बजे अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। इस वक्त उसकी मां व उसकी दो बहनें उसके साथ ही सो रही थी। सुबह जागने पर इन्होंने शोर मचाया और इसकी सूचना तहसील कैंप थाना पुलिस को दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने फैक्टरी मालिक व उसके बेटे पर केस दर्ज कर लिया है।
बरसत रोड स्थित परशुराम कालोनी निवासी संदीप ने बताया कि वह एक बेटे व तीन बेटियों का पिता था। उसका इकलौता बेटा विशाल (20) परशुराम कालोनी में एक साल से एक फैक्टरी में चादर कटिंग का काम करता था। दो माह पहले काम करते हुए उसके पैर पर भारी मशीन गिर गई थी।
इस हादसे में उसका पैर तीन जगह से टूट गया था। उस वक्त जयप्रकाश व उसके बेटे काकू ने उन्हें विशाल का इलाज कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने तब अपने पैसे से विशाल का इलाज करा लिया था। 10 जून को काकू का विशाल के पास फोन आया था।
उसने विशाल को कहा कि न तो वह इलाज का पैसा देंगे और न ही उसके दोबारा नौकरी देेंगे। यह सुनकर विशाल काफी परेशान हो गया था। वह कई दिन से चुपचाप रहने लगा था। शुक्रवार रात को विशाल मकान के नीचे वाले कमरे में अपनी मां उषा, बड़ी बहन ज्याेति व छोटी बहन महक के साथ कमरे में सो रहा था।
मंझली बेटी सिया उसके पास ऊपर कमरे में सो रही थी। शनिवार सुबह चार बजे विशाल ने अपनी मां की चुन्नी से कमरे में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। जब उसकी पत्नी उषा, बेटी ज्योति व महक की आंख खुली तो उन्होंने विशाल का शव फंदे पर लटके देखा।
विशाल का शव देख इनकी चीख गई। वह भी चीख सुनकर जाग गए। यहां लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
मामले की जांच कर रहे हैं- राजीव
मृतक के पिता का आरोप है कि फैक्टरी मालिक ने इलाज के पैसे नहीं दिए थे और अब नौकरी देने से भी इंकार कर दिया था। इसलिए युवक ने आत्महत्या की है। मृतक के पिता की शिकायत पर आरोपित पिता पुत्र पर आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजनों को सौंप दिया है। मामले की विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। - राजीव कुमार, प्रभारी तहसील कैंप थाना पुलिस।
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