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    अब जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र व एनओसी के लिए नहीं लगाने होंगे चक्‍कर, नगर निगम में आनलाइन आवेदन ही होंगे स्वीकार

    By Anurag ShuklaEdited By:
    Updated: Mon, 23 Nov 2020 04:03 PM (IST)

    नगर निगम करनाल में ई व्यवस्था को किया गया है तुरंत प्रभाव से लागू प्रमाण पत्र बनने के बाद साइड पर ही होंगे अपलोड निगम कार्यालय में नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर। एनओसी के लिए आनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे आवेदन।

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    करनाल नगर निगम में ई व्‍यवस्‍था को तुरंत प्रभाव से लागू किया गया।

    पानीपत/करनाल, जेएनएन। अब नगर निगम में हेल्थ सर्विस से जुड़ी सेवाएं जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, एनओसी जैसी सुविधाओं के लिए मैनुअल आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उनके लिए आनलाइन ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस व्यवस्था को निगम ने लागू कर दिया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं आवेदनों पर वर्किंग होगी जो आनलाइन अप्लाई किए गए हैं। इस नई व्यवस्था को लेकर लोगों से भी अपील की है कि इस पारदर्शी व्यवस्था को शुरू करने के लिए सहयोग करें। प्रमाण पत्र या एनओसी लेने के लिए किसी भी अटल सेवा केंद्र या सरल केंद्र से आवेदन किया जा सकता है। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत इस काम को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। खास बात भी है कि आनलाइन आवेदन से आवेदक अपनी फाइल का स्टेटस भी चेक करता रहेगा। जिससे उसे पता रहेगा कि फाइल किस स्तर पर डिले हो रही है या किसी कमी के कारण अटकी हुई है। करनाल, असंध, इंद्री व घरौंडा के सरल केंद्रों से यह अप्लाई किया जा सकता है।

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    प्रमाण-पत्र साइट पर ही होगा अपलोड

    आनलाइन आवेदन के बाद जन्म प्रमाण-पत्र या एनओसी के लिए भी निगम कार्यालय में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जैसे ही प्रमाण-पत्र या एनओसी सभी प्रक्रियाओं से होते हुए पूरी हो जाएगी उसके बाद साइट पर ही उसे अपलोड किया जाएगा। आवेदक को जो एप्लीकेशन नंबर दिया जाएगा उससे वह ट्रेस कर सकेगा। प्रमाण-पत्र की कॉपी साइट से डाउनलोड कर सकेगा।

    निगम में रोजाना आते हैं 80 से 100 आवेदन

    नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र व एनओसी वर्क के लिए रोजाना 100 के करीब आवेदन आते हैं। फिलहाल आवेदन की मैनुअल प्रोसेस है। आवेदनकर्ता अपनी फाइल को रूटीन में ही मैनुअल तरीके से जमा कराने के बाद उस पर वर्किंग शुरू होती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। लोगों के लिए यह राहत भरा कदम है।

    यह पारदर्शिता की तरफ बढ़ता कदम है। काम आनलाइन होंगे तो इसमें आवेदक की संतुष्टि होगी। निगम की जिम्मेदारी भी फिक्स होगी। क्योंकि जब से यह आवेदन किया गया है ओर बनने तक कितना समय लगा यह सारा काउंट होगा। अगर फाइल डिले हुई है तो उसके कारण भी बताने होंगे। इसलिए यह जनता के लिए राहत की बात है। इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। लोगों से अपील है कि वह आनलाइन ही आवेदन करें। निगम की नई व्यवस्था में सहयोग दें।

    डॉ. रमेश कुमार शर्मा, उप रजिस्ट्रार, नगर निगम करनाल।