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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

8 साल से ISI के लिए जासूसी करता था नोमान, दिलशाद मिर्जा ने दी थी ट्रेनिंग; 2017 में अवैध रूप से गया था पाकिस्तान

By Jagran NewsEdited By: Sushil Kumar
Published: Mon, 19 May 2025 05:45 AM (IST)Updated: Mon, 19 May 2025 06:47 AM (IST)

पानीपत से आईएसआई जासूसी मामले में नोमान इलाही नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसने पाकिस्तान में दिलशाद ...और पढ़ें

सालों से ISI के लिए जासूसी करता था नोमान। फाइल फोटो
सालों से ISI के लिए जासूसी करता था नोमान। फाइल फोटो

HighLights

  1. नोमान 17 साल की उम्र से जासूस।
  2. पाकिस्तान में ISI से प्रशिक्षण प्राप्त।
  3. भारतीय एजेंटों से फंडिंग का खुलासा।

जागरण संवाददाता, पानीपत। ISI के लिए जासूसी करने का आरोपित नोमान इलाही प्रशिक्षित जासूस है। वह महज 17 साल की आयु में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने लगा था। 2017 में नोमान अवैध रूप से पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान में तब उसकी मुलाकात दिलशाद मिर्जा से हुई थी।

नोमान यहां 15 दिन रहा था। इन दिनों में ही आईएसआई के कमांडर इकबाल काना और आईएसआई ओपरेटिव दिलशाद मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज ने उसे ट्रेनिंग दी थी। उसको कोड वर्ड में बात करने, युवाओं का ब्रेन वाश करने व आईएसआई का प्रचार करने का प्रशिक्षण दिया गया था।

एजेंट से नोमान के खाते में भेजे थे पैसे

सूत्रों के अनुसार नोमान आठ साल से आईएसआई के लिए काम कर रहा है। उसको पाकिस्तान से दो से तीन बार पैसे मिले थे। तब वह एजेंसियों की पकड़ में नहीं आया। इसके बाद उसने पैसे लेने का तरीका बदल दिया। आईएसआई के अधिकारी भारत में बैठे फंडिंग करने वाले एजेंटों से ही नोमान के खाते में पैसे भेजते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। जांच एजेंसियों ने एक लगभग 10-12 लोगों की पहचान की है जिन्होंने नोमान के खाते में पैसे भेजे थे। यह पैसे देहरादून, दिल्ली व उत्तर प्रदेश के कई शहरों से आए थे। अब इनको भी जांच में शामिल कर लिया गया है।

क्या है नोमान की डायरी में?

शनिवार रात 10 बजे सीआइए वन की टीम नोमान को दोबारा कैराना स्थित उसके घर लेकर गई। टीम ने यहां नोमान की निशानदेही पर उन सभी युवकों से पूछताछ की है जिनके मोबाइल नंबर उसके पास मिले थे। इसमें उसके दो तीन रिश्तेदार भी शामिल हैं।

जांच एजेंसियां अब तक नोमान की उस डायरी को बरामद नहीं कर पाई है, जो उसे दिलशाद मिर्जा ने दी थी। इसमें भारत सैन्य ठिकानों की जानकारी, आईएसआई के टास्क व कोड वर्ड हैं। नोमान अब पुलिस की जांच में भी सहयोग नहीं कर रहा है।

जांच एजेंसियों ने अपनी जांच में पाया कि नोमान के पासपोर्ट की वैधता 2010 में समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद वह रिन्यू नहीं हुआ। आरोपित नोमान ने पूछताछ में बताया कि वह 2017 में भी पाकिस्तान गया था। अब एजेंसियां 2017 में उसकी 15 दिन की यात्रा का पूरा रोडमैप तैयार कर रही है। सोमवार को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी पानीपत में आकर नोमान से पूछताछ कर सकती है।

नोमान के कबूलनामे की पूरी रिपोर्ट

एनआइए ने पानीपत के एसपी भूपेंद्र सिंह ने भी नोमान के कबूलनामे की पूरी रिपोर्ट मांगी है। नोमान का दूसरे जासूस से नहीं संपर्कजांच में अब यह भी सामने आया है कि नोमान का कैथल, हिसार व नूंह में पकड़े गए जासूसों से संबंध नहीं है।

इनकी आपस में मुलाकात नहीं हुई है। आईएसआई आमतौर पर एक जासूस की दूसरे जासूस को जानकारी नहीं देती। ऐसा इसलिए किया जाता है कि एक जासूस के पकड़े जाने पर दूसरे के पकड़े जाने का खतरा न हो।

एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नोमान से पूछताछ की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एजेंसियों से नोमान द्वारा भेजी गई वीडियो भी शेयर की गई है। सीआईए के प्रभारी से भी नोमान की पूरी रिपोर्ट ली जा रही है। मंगलवार को नोमान को कोर्ट में पेश करेंगे।