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    Success Story: हरियाणा के किसान बेटे के हौसले की कहानी, बदल दी खुद की तकदीर, उत्‍तर प्रदेश में बने ADJ

    By Anurag ShuklaEdited By:
    Updated: Tue, 13 Sep 2022 10:47 AM (IST)

    Success Story हरियाणा के यमुनानगर में रहने वाले किसान का बेटा उत्तर प्रदेश में एडीजे बना। यमुनानगर के एमएस खान के नाम से शहजाद अली मशहूर है। अब शहजाद अली अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के रूप में सेवाएं देंगे।

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    यमुनानगर के रहने वाले शहजाद अली बने एडीजे।

    जगाधरी (यमुनानगर), संवाद सहयोगी। 'खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे के बता तेरी रजा क्या है', इस कहावत को एक किसान के बेटे ने चरित्रार्थ किया है। लापरा गांव के किसान वाहिद हुसैन के बेटे शहजाद अली अब उत्तर प्रदेश में एडीजे यानि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के रूप में सेवाएं देंगे।

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    पहले प्रयास में पास की परीक्षा

    खास बात यह है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश हायर जुडिशियल सर्विस की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर यह मुकाम हासिल किया है। सोमवार रात को परीणाम घोषित होने के बाद शहजाद अली के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

    एमएस खान के नाम से हैं मशहूर

    एमएस खान के नाम से मशहूर एडवोकेट शहजाद अली ने गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला से पांचवीं कक्षा पास की। जबकि आठवीं की परीक्षा मंडौली गांव के सरकारी स्कूल से पास की। 12वीं की परीक्षा एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पास करने के बाद उन्होंने एमएलएन कॉलेज से बीए पास की। इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह मेरठ विश्‍वविद्यालय से एलएलबी की। जबकि एलएलएम की परीक्षा उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्‍वविद्यालय से पास की। इतना ही नहीं एमबीए की परीक्षा उन्होंने महर्षि दयानंद विशवविदयालय रोहतक से पास की।

    मां ने बढ़ाया हौसला

    खान ने बताया कि उनके परिवार में मां अनीश खातून व पत्नी शाइना खान गृहणी है। बेटा अरसलाम खान, तीसरी कक्षा में सेंट थामस में पढ रहा है। जबकि दो छोटे भाई नसीम व नौशाद है। नसीम थर्मल प्लांट में क्लर्क है, जबकि नौशाद बीटेक के बाद गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी कर रहा है।

    दोस्त एसएस नेहरा ने हर कदम पर दिया साथ

    दैनिक जागरण के साथ अनुभव सांझा करते हुए एडवोकेट एमएस खान यानि शहजाद अली ने बताया कि उन्होंने वर्श 2007 में स्थानीय कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस शुरु की थी। इस दौरान एडवोकेट एसएस नेहरा उनके सहयोगी रहे। खान की मानें तो जब वे तैयारी के लिए चंडीगढ़ गए तो एसएस नेहरा ने न केवल उनका पूरा काम संभालाा बल्कि एक भाई की तरह उनका पूरा साथ भी दिया।