हाजिरी रजिस्टर में 20 कर्मचारी, जांच की तो 10 भी नहीं मिले
वार्ड 22 व 23 के पार्षदों ने जब सफाई कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर चेक किए तो पता चला कि उसमें हकीकत कुछ और ही निकली। वार्ड में ठेकेदारों के साथ ही खूब बहस हुई।

जागरण संवाददाता, पानीपत : वार्ड 22 व 23 के पार्षदों ने जब सफाई कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर चेक किए तो पता चला कि उसमें हकीकत कुछ और ही निकली। वार्ड में ठेकेदारों के साथ ही खूब बहस हुई। पार्षदों ने आरोप लगाए कि जब वार्डों में पूरे कर्मचारी मिले ही नहीं तो इनको भुगतान कैसा। अभी तक वार्डों में न तो वाहन मिले है और न ही पूरे सफाई कर्मचारी। जेबीएम व एजेंसी कर्मचारी मिलाकर वार्डों में कर्मचारियों की संख्या गिनाई जा रही जिससे नगर निगम को भ्रमित किया जा रहा। करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है।
दोनों वार्ड में जब विवाद बढ़ा तो पार्षद मेयर अवनीत कौर से मिलने पहुंच गए। कई और पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। मेयर अवनीत कौर ने पार्षदों की समस्याएं सुनी। इस पर सफाई कमेटी के चेयरमैन संजीव दहिया को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई। अब बुधवार को संजीव दहिया एजेंसियों से बातचीत कर सभी वार्डों की स्थिति का जायजा लेंगे। पार्षद पहले भी लगा चुके है आरोप
सफाई व्यवस्था पहले भी पार्षद सवाल उठा चुके है। वार्डों में अभी तक 40 से 50 कर्मचारी देने की बात की गई थी। अभी तक एजेंसियों ने कुछ नहीं किया। जिसके चलते पार्षदों में रोष बना हुआ है। मेयर ने सुनी पार्षदों की समस्याएं
नगर निगम मेयर अवनीत कौर ने पार्षदों के साथ कार्यालय में ही बैठक की। इस दौरान पार्षदों ने भी अपनी समस्याएं सुनाई। जिसमें मौके पर संबंधित अधिकारियों से भी बात की। सबसे ज्यादा पार्षदों से सवाल उठाए कि कमिश्नर ही निगम में नहीं है तो डवलपमेंट के कार्य कैसे पूरे होंगे। अर्चना गुप्ता ने ली बैठक
भाजपा जिला अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने भी पार्षदों की बैठक ली। इसमें छह जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर सभी वार्डों के पार्षद 25-25 पौधारोपण करेंगे। इस दौरान पार्षदों ने यहां भी सफाई व्यवस्था बातचीत की और नाराजगी जाहिर की। कमिश्नर नहीं होने पर जिलाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सीएम से नए कमिश्नर के बारे में बात की जाएगी। इसके बाद शहर के विकास कार्य तेज गति से होंगे। वार्डों में कचरे के लगे ढेर : अश्वनी
वार्ड 23 के पार्षद अश्वनी धींगड़ा ने बताया कि वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। सफाई कर्मचारियों की संख्या जांची तो पूरे 10 कर्मचारी भी नहीं गिनवा पाए ठेकेदार। ऐसे में नगर निगम को हर माह लाखों रुपये का चूना लगा रहे है। वार्ड में जेबीएम के ही कर्मचारी एजेंसी दिखा रहे है। हमारी मांग है कि सभी एजेंसी हर वार्ड की रिपोर्ट सार्वजनिक करें। एजेंसियां कर रही बड़ा गोलमाल : चंचल
वार्ड 23 की पार्षद चंचल डावर ने बताया कि एजेंसियां वार्डों में कर्मचारियों की संख्या 40 तो दूर 20 भी नहीं दिखा पाई। एक कर्मचारी दूसरे वार्ड में लगा और उसी कर्मचारी फिर दूसरे वार्ड में दिखा रहे। जो बड़ा गोलमाल कर रहे है। इस पर नगर निगम के अधिकारी भी मिले हुए है। इस तरह पार्षदों व मेयर को गुमराह कर रहे है। पार्षदों की सुनी समस्याएं होगा समाधान : मेयर
नगर निगम मेयर अवनीत कौर ने बताया कि पार्षदों के साथ बैठक हुई। इस दौरान पार्षदों कुछ समस्याएं सामने रखी। जिनका जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।