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पानीपत/जींद, जेएनएन। महज दो रुपये के सिक्के से धड़धड़ाती एक्सप्रेस ट्रेनों को आसानी से रोका जा सकता है। यकीन करना थोड़ा मुश्किल होगा। लेकिन, ये सच है। लुटेरों ने ऐसा कर दिखाया और ट्रेन लूट की वारदात को अंजाम दिया। लुटेरों ने जींद रेलवे लाइन पर धौलाधार एक्सप्रेस और अवध असम एक्सप्रेस के यात्रियों को निशाना बनाया। रेलवे पुलिस ने ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है। 

रेलवे पुलिस ने जाटू रोड पानीपत निवासी संदीप, सांपला रोहतक निवासी रमन, माता दरवाजा रोहतक निवासी रमन, बालकनाथ कालोनी रोहतक निवासी भारत को काबू किया है। जबकि गिरोह का मुख्य सरगना गांव बड़ौदी निवासी मौजी, रोहतक निवासी विक्की व उसके दो साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पकड़े गए आरोपित संदीप ने खुलासा किया कि 7 मई को उसने मौजू, विक्की व तीन-चार अन्य के साथ मिलकर दिल्ली से पठानकोट जा रही धौलाधार एक्सप्रेस की स्लीपर व एसी डिब्बे में दो यात्रियों से चाकू के नोक पर नकदी व जेवरात लूटे थे। जबकि पकड़े गए आरोपित विवेक, रमन, भारत उनके साथ पहली वारदात को अंजाम देने के लिए आए थे। 

सादे कपड़े में थे रेलवे पुलिसकर्मी
रविवार को लुटेरे पंजाब की तरफ जा रही अवध असम एक्सप्रेस में सवार हो गए, लेकिन उनके इरादों की रेलवे पुलिस को पहले ही भनक लग गई। रेलवे पुलिस कर्मी सादे कपड़ों में ट्रेन में सवार हो गए। जब ट्रेन जींद रेलवे जंक्शन से निकलकर बरसोला रेलवे स्टेशन के निकट पहुंची तो आरोपितों ने खेतों में चेन पुङ्क्षलग कर दी और ट्रेन को रोक दिया। इसी दौरान आरोपित यात्रियों से चाकू की नोक पर लूटपाट करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान ट्रेन में सवार पुलिस कर्मी सक्रिय हो गए। जहां पर बदमाश पुलिस को देखते ही खेतों के रास्ते से फरार हो गए, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनका पीछा करके काबू कर लिया। जबकि आरोपित मौजी, विक्की अपने दो अन्य साथियों के साथ मौके से फरार हो गए। 

train loot

सिक्का डालकर सिग्नल को किया था रेड 
पकड़े गए आरोपित संदीप ने खुलासा किया कि सात मई को गिरोह के सदस्यों ने पंजाब की तरफ जा रही धौलाधार एक्सप्रेस में यात्रियों से लूटपाट की थी। गिरोह का एक सदस्य जींद जंक्शन व बरसोला रेलवे स्टेशन के बीच में सुनसान जगह पर स्थित सिग्नल के पास एक आरोपित चला गया। जहां पर उन्होंने ग्रीन सिग्नल को रेड करने के लिए पटरियों के बीच में सिक्का डाल दिया और ट्रेन रूकते गिरोह के सदस्य ट्रेन में सवार हो गए और यात्रियों से लूटपाट करके खेतों के रास्ते से फरार हो गए थे। 

ये था फॉर्मूला

पुलिस के अनुसार बदमाशों ने ट्रेन रोकने के लिए भौतिक-विज्ञान की साधारण तकनीक का इस्तेमाल किया। पटरियों के बीच जोड़ होता है, सर्किट को बंद करने इसमें इंसुलेटिंग मैैटेरियल (रोधक पदार्थ) भरा जाता है। ये लोग इस जोड़ में एक या दो रुपये का सिक्का डाल देते थे। ऐसा होने से पटरियों को अर्थ नहीं मिलता और सिग्नल हरे के बजाय लाल हो जाता था। ऐसा होने पर धौलाधार एक्सप्रेस के ड्राइवर को खतरे का आभास हुआ और उसने ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद बदमाशों ने चाकू के बल पर यात्रियों से की लूटपाट। 

इन यात्रियों से हुई थी लूटपाट 
सात मई को धौलाधार एक्सप्रेस में स्लीपर में यात्रा कर रहे यात्री गांव प्रियुगल जिला चंबा हिमाचल प्रदेश निवासी रमेश कुमार से बदमाशों ने एक सोने की चेन, दो कानों के झुमके, तीन सोने की अंगूठी, 4350 रुपये की नकदी, करीब 25 हजार रुपये के ब्यूटी प्रोडेक्ट, बच्चों के कपड़े सहित जरूरी कागजात लूटे थे। ट्रेन के दूसरे यात्री सेक्टर 23 गाजियाबाद यूपी निवासी हर्ष कुमार दस हजार रुपये की नकदी, एक मोबाइल, खान पीने का सामान लूटा था। 

हर बदमाश की तय होती थी भूमिका
रेलवे पुलिस थाना इंचार्ज सुरेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में खुलासा किया एक आरोपित सिग्नल के पास चला गया। जब ट्रेन जींद रेलवे जंक्शन से चली तो स्टेशन पर खड़े दूसरे युवक ने फोन करके उसे सूचित कर दिया। इसके बाद आरोपित सिक्का लगाने के बाद एक बदमाश पटरी से दूर हो जाता। सिग्नल ग्रीन से लाल होने पर ट्रेन रूकते ही आरोपितों ने लूटपाट की। पुलिस फरार चल रहे दूसरे आरोपितों से पूछताछ कर रही है। 

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Posted By: Anurag Shukla

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