जागरण संवाददाता, पानीपत : वधावाराम कालोनी वासी व्यक्ति अपने दोस्तों को शराब पिलाने के लिए घर में बुलाता। पत्नी-बच्चों (14 साल का बेटा, सात साल की बेटी) की पिटाई करता। पुत्र ने 1098 पर फोन काल कर चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी। दोबारा पीटा तो हेल्पलाइन 112 पर काल कर पुलिस बुला ली।

बाल अधिकार सुरक्षा समिति की सलाहकार सुधा झा एक किशोर को लेकर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) कार्यालय में पहुंची। किशोर ने बताया कि वह कुछ साल पहले बाल श्रम करता पकड़ा गया था। बाल अधिकार सुरक्षा समिति ने उसका एडमिशन संभावना स्कूल में कराया था। अब वह तहसील कैंप स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ रहा है। पिता रोजाना शराब पीते हैं, तनख्वाह का पूरा पैसा बर्बाद कर देते हैं। घर खर्च के लिए भी पैसे नहीं देते। विरोध करने पर मां और हम भाई-बहन को पीटते हैं।

बच्चे ने बताया कि आठ अगस्त को पीटा तो उसने चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी थी। अगले दिन हेल्पलाइन की टीम और सुधा झा ने आकर पिता को समझा दिया था। दो अगस्त को फिर से पीटा तो उसने 112 नंबर और सुधा झा को फोन कर दिया। किला थाना पुलिस पिता को पकड़कर ले गई थी।

सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन पदमा रानी ने बच्चे के पिता को आफिस बुलवाया। उसे बच्चों के हित में बनाए गए कानून की जानकारी दी। सात दिन बाद पुन: दोनों पक्षों को पेश होने के निर्देश दिए हैं। चेयरपर्सन ने बताया कि आरोपित पिता के व्यवहार में बदलाव नहीं आया तो उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। फैक्ट्री मालिक को भेजा पत्र

बच्चों का पिता जिस फैक्ट्री में काम करता है, सीडब्ल्यूसी ने वहां के लिए भी एक पत्र लिखा है। फैक्ट्री प्रबंधक को कहा गया है कि वह सेलरी का चौथाई हिस्सा पिता को, बाकी तीन हिस्से रकम परिवार को दी जाए।

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