30 सितंबर तक पिछले वर्षो के बकाया सी फार्म जमा करवा सकेंगे कारोबारी
कारोबारियों को अब आबकारी कराधान विभाग ने राहत देते हुए सी फार्म 30 सितंबर तक कार्यालय में जमा करवाने का समय दिया है। किसी भी वर्ष के सी फार्म जो व्यापारी के पास बकाया है उसे वह 30 सितंबर तक जमा करवा सकता है।

महावीर गोयल, पानीपत
कारोबारियों को अब आबकारी कराधान विभाग ने राहत देते हुए सी फार्म 30 सितंबर तक कार्यालय में जमा करवाने का समय दिया है। किसी भी वर्ष के सी फार्म जो व्यापारी के पास बकाया है उसे वह 30 सितंबर तक जमा करवा सकता है। इसके बाद फार्म जमा नहीं होंगे। पांच साल जीएसटी लागू होने के बाद भी कारोबारियों को अभी वैट के तहत सी फार्म जमा करवाने है। तभी उन्हें सी फार्म की एवज में लगा टैक्स मिल सकता है। इस आशय के नोटिस भी कार्यालय में चस्पा किए गए हैं। अब नोटिस पर लिखना होगा डीआइएन
उप आबकारी कराधान कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अब कोई भी अधिकारी कर्मचारी व्यापारियों को नोटिस जारी करते समय नोटिस पर डीआइएन (डीलर आइडेंटिफिकेशन नंबर) लगाना होगा। नोटिस का डिस्पोजल भी पोर्टल पर ही करना होगा। देखने में आ रहा था कि नोटिस जारी हो जाता था बाद में उसे फाड़ दिया जाता है। उसका कोई रिकार्ड कार्यालय में नहीं होता था। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा था। अब भविष्य में ऐसा नहीं हो सकेगा। नोटिस यदि डिस्पोजल होता है तो उसका पोर्टल पर ब्यौरा होगा। इसके लिए नोटिस पर डीआइएन लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। टैक्स प्रैक्टिशनर हो रहे परेशान
उप आबकारी कराधान कार्यालय से 10 क्लर्क पिछले दिनों आनलाइन ट्रांसफर कर दिए गए हैं। उनके स्थान पर नई नियुक्ति नहीं की गई है। इनमें से ज्यादातर क्लर्क सोनीपत ट्रांसफर हुए हैं। पानीपत में क्लर्कों की कमी होने से एसेसमेंट आदि के काम देरी हो रही हैं। इससे टैक्स प्रैक्टिशनर, सीए की परेशानी बढ़ गई है। सोनीपत में क्लर्कों के स्थान पर स्टेनों की अहमियत ज्यादा होती है। पानीपत में केस आदि को टाइप करवाकर एसेसी के सीए अथवा क्लर्क ले जाते हैं। सोनीपत में स्टेनों की टाइपिग का काम करवाते हैं।
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