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    Panipat News: पानीपत सिविल अस्‍पताल क्‍वालिटी सुधार के दावे बड़े, बजट मिला सिर्फ 3.40 लाख

    By Raj Singh PalEdited By: Anurag Shukla
    Updated: Sat, 08 Oct 2022 11:04 AM (IST)

    हरियाणा के पानीपत सिविल अस्‍पताल मे क्‍वालिटी सुधार के बड़े दावों के आगे बजट महज 3.40 लाख मिला। सिविल अस्‍पताल प्रशासन को उम्‍मीद थी कि करीब 10 लाख रुपये तक बजट मिल सकता था। अब मरीज की केयर पर खर्च होगी रकम।

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    पानीपत सिविल अस्‍पताल को बजट मिला है।

    पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत सिविल अस्पताल में क्वालिटी सुधार के दावे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं,पर्याप्त बजट नहीं मिलता। इस बार भी ऐसा ही कुछ हुआ है। अस्पताल प्रशासन को उम्मीद थी कि 10 लाख रुपये का बजट मिलने की उम्मीद थी, मिला मात्र 3.40 लाख रुपये है। यह रकम मरीजों की देखभाल के बिंदुओं पर खर्च होनी है। अस्पताल प्रशासन क्वालिटी सुधार के आधार पर नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) की तैयारी भी करता है।

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    दरअसल, सिविल अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ के एप्रिन (नेम प्लेट सहित)क्रय होने हैं। फोटो युक्त आई कार्ड भी बनने हैं। इसके अलावा कुछ मुहन बननी है। यानि, मरीजों के हित में वह सब कुछ क्वालिटी के बजट से किया जा सकता है जो हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड से नहीं मिलता। क्वालिटी में सुधार के लिए अस्पताल प्रशासन ने 10-11 लाख रुपये का बजट मांगा था। सिविल सर्जन के कार्यालय से मात्र 3.40 लाख रुपये मिलने से अस्पताल प्रशासन भी हैरत में है।

    इतने कम बजट से कैसे क्वालिटी में सुधार हो, यह अस्पताल के अधिकारियों को समझ ही नहीं आ रहा है। बजट के अभाव में अस्पताल एनक्वास में पिछड़ न जाए, इसका भी डर है।

    यह है एनक्वास

    एनक्वास भारत सरकार की एक संस्था है, सरकारी अस्पतालों को उनकी सेवाओं के मापदंडों पर परखने का काम करती है। विभिन्न विभागों का रखरखाव, कामकाज का तरीका, ओपीडी, आपरेशन थियेटर, प्रयोगशाला, फार्मेसी सहित प्रशासनिक कार्यों को भी परखा जाता है।

    यहां का निरीक्षण करती है एनक्वास टीम

    इंडाेर ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, आपरेशन थिएटर, प्रसूति वार्ड, फार्मेसी, बच्चों का वार्ड, नीकू, शवगृह, प्रयोगशाला, रक्त केंद्र, मेडिकल वेस्ट निस्तारण इत्यादि।

    अभी रक्त केंद्र भी बंद

    अस्पताल के प्रथम तल पर रक्त केंद्र बनकर तैयार है। पैथालाजिस्ट डा. सुमन के पास तीन माह का अनुभव प्रमाण पत्र न होने सहित अन्य कुछ कमियों के कारण रक्त केंद्र को लाइसेंस मिलने में बाधा आ रही है। फिलहाल डा. सुमन छुट्टियों पर भी चली गई हैं।