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    Haryana: ट्रांसजेंडरों का लगा जैकपॉट, नौकरी और शिक्षा में मिलेगा रिजर्वेशन; शुरुआत से पहले आयोग ने मांगे सुझाव

    By Jagran NewsEdited By: Prince Sharma
    Updated: Wed, 06 Sep 2023 05:00 AM (IST)

    Haryana हरियाणा में ट्रांसजेंडर को भी नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने की तैयारी है। पिछड़ा वर्ग आयोग इस श्रेणी के लोगों से सीधा संवाद कर सुझाव ले रहा है। भिवानी की ट्रांसजेंडर तेजस्या महंत का सुझाव था कि जिस तरह हर नर-नारी के लिए सरकारी सुविधाएं मिलती हैं उसी प्रकार ट्रांसजेंडर वर्ग को भी सरकारी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

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    Haryana: ट्रांसजेंडरों का लगा जैकपॉट, नौकरी और शिक्षा में मिलेगा रिजर्वेशन

    चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। हरियाणा में ट्रांसजेंडर को भी नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने की तैयारी है। पिछड़ा वर्ग आयोग इस श्रेणी के लोगों से सीधा संवाद कर सुझाव ले रहा है।

    ट्रांसजेंडर के लोगों के साथ बातचीत पर मांगे सुझाव

    शीघ्र ही आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा। इस संबंध में हाई कोर्ट ने भी राज्य सरकार को विचार करने को कह रखा है।

    हरियाणा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन जस्टिस दर्शन सिंह ने मंगलवार को आयोग के सदस्यों डॉ. एसके गक्खड़ व श्यामलाल जांगड़ा के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारियों व ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों के साथ बातचीत कर आरक्षण पर सुझाव मांगे।

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    भिवानी की ट्रांसजेंडर तेजस्या महंत का सुझाव था कि जिस तरह हर नर-नारी के लिए सरकारी सुविधाएं मिलती हैं, उसी प्रकार ट्रांसजेंडर वर्ग को भी सरकारी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

    शुरुआत करने के लिए सुझाव मांगना एक अच्छी पहल

    समाज को भी हमारे प्रति मानसिकता बदलनी चाहिए। तेजस्या ने कहा कि महंत व फकीर की कोई जाति नहीं होती। सरकार की ट्रांसजेंडर वर्ग को भी आरक्षण देने की शुरुआत करने के लिए सुझाव मांगना एक अच्छी पहल है।

    फरीदाबाद के सार्थक शर्मा, चरखी दादरी के लक्ष्य, गुरुग्राम के गुर अनजान सिंह का कहना था कि लोगों की ट्रांसजेंडर के प्रति मानसिकता में बदलाव लाने के लिए प्रारंभ से ही स्कूली पाठ्यक्रम ट्रांसजेंडर के बारे में जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों के प्रमाणपत्रों में नाम सुधार के लिए विश्वविद्यालयों में कई -कई वर्ष लग जाते हैं।

    ट्रांसजेंडरों की श्रेणी का ऑप्शन होना चाहिए।

    जिला कार्यालय में सेक्शन-6 का प्रमाणपत्र मिल जाता है, परंतु सेक्शन-7 का प्रमाण पत्र विलंब से मिलता है। इसके अलावा सरकारी नौकरी के लिए जब आवेदन किया जाता है, तो उनका आवेदन रद हो जाता है। इसलिए आवेदन फार्म में महिला और पुरुष लिंग की श्रेणी के साथ-साथ ट्रांसजेंडरों की श्रेणी का ऑप्शन होना चाहिए।

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