हरियाणा में कपड़ा उद्योग को मिलती रहेगी सब्सिडी, अगले 18 साल तक मिलेगा लाभ; विकसित किए जाएंगे टेक्सटाइल पार्क
हरियाणा सरकार ने कपड़ा उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी को 18 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति को तीन साल के लिए शुरू किया गया था। सरकार ने पूंजी निवेश सब्सिडी योजना के तहत मामलों की सीमा को भी खत्म कर दिया है। इस कदम से राज्य के कपड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में कपड़ा उद्योगों को सब्सिडी जारी रहेगी। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में तीन साल के लिए शुरू की गई हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति को अगले साल 18 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं, पूंजी निवेश सब्सिडी योजना के तहत मामलों की संख्या पर लगी सीमा को भी खत्म कर दिया गया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. डी सुरेश ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आत्मनिर्भर वस्त्र नीति के तहत 4000 करोड़ रुपये के निवेश तथा 20 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
केंद्र सरकार की कपड़ा नीति 5-एफ विजन फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फारेन के अनुरूप प्रदेश सरकार ने आठ प्रोत्साहन योजनाएं चलाई हुई हैं।
इनमें कपड़ा इकाइयों के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, नेट एसजीएसटी के बदले निवेश सब्सिडी, हरित और टिकाऊ उत्पादन योजना को प्रोत्साहन, कौशल प्रशिक्षण, अग्नि बीमा पालिसी प्राप्त करने के लिए सहायता, कपड़ा क्लस्टर विकास योजना और टेक्सटाइल पार्क योजना शामिल है।
कपड़ा परियोजनाओं को मंजूरी
योजना का लाभ उठाने के लिए अब तक 354 उद्यमियों ने आवेदन कर 368 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा है। इनमें से 108 के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। विशेषकर वस्त्र इकाइयों के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी योजना के तहत विभिन्न जिलों में जंबो बैग, ग्राउंड टर्फ, एंटीबैक्टीरियल तौलिये, ऐक्रेलिक सुपर साफ्ट कंबल, पेट टू फाइबर जैसे उत्पादों वाली कपड़ा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
50 कपड़ा निर्माता कंपनियों को राहत
वहीं, पूंजी निवेश सब्सिडी योजना के तहत अधिकतम 86 वस्त्र निर्माता कंपनियों (व्यक्तिगत श्रेणी के लिए 84 और एंकर इकाइयों के लिए दो) को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाना था। अभी तक 85 परियोजनाओं (84 व्यक्तिगत श्रेणी की परियोजनाएं और एक एंकर परियोजना) को 353 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है।
अब पूंजी निवेश सब्सिडी के लिए आवेदन की सीमा को खत्म कर दिया गया है। इससे उन 50 वस्त्र निर्माता कंपनियों को राहत मिलेगी, जिन्होंने ऑनलाइन पोर्टल बंद होने के बावजूद आवेदन किया हुआ है। स्वीकृत परियोजनाओं से 1575 करोड़ रुपये का निवेश आने का अनुमान है, जिससे 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
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