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हरियाणा में MD-MS दाखिलों के नियम सख्त, बीच में कोर्स छोड़ा तो भरना पड़ेगा 10 लाख का बांड; 3 साल के लिए लगेगा बैन

By Sudhir TanwarEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 04 Nov 2026 03:47 PM (IST)

हरियाणा में एमडी-एमएस और आयुर्वेदिक पीजी कोर्स में दाखिले के नियम कड़े किए गए हैं, जिसमें नीट-पीजी और एआइएपीजीईटी मेरिट को आधार बनाया जाएगा।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. एमडी-एमएस दाखिले अब नीट-पीजी 2026 मेरिट पर आधारित

  2. कोर्स बीच में छोड़ने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना

  3. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 40% सीटें इन-सर्विस डॉक्टरों हेतु

 

सुधीर तंवर, चंडीगढ़। हरियाणा में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (एमडी) और मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) कोर्स में दाखिलों के नियम सख्त हो गए हैं। मेडिकल कॉलेजों में दाखिले नीट-पीजी 2026 की मेरिट और आयुर्वेद के एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश एआइएपीजीईटी-2026 की मेरिट से मिलेंगे।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्टेट कोटे की 40% सीटें इन सर्विस डॉक्टरों और आयुर्वेदिक कॉलेजों में 10% सीटें आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के लिए आरक्षित की गई हैं।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मेरिट और शेष 50 प्रतिशत हरियाणा स्टेट मेरिट श्रेणी के तहत भरी जाएंगी।

निजी संस्थानों में 50 फीसदी कोटा

हरियाणा में स्थित संस्थानों से एमबीबीएस करने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्टेट कोटे में 25 प्रतिशत संस्थागत वरीयता आरक्षण और बेंचमार्क दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। निजी मेडिकल संस्थानों में 50 प्रतिशत सीटें स्टेट कोटे की ओपन मेरिट और 50 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटे के तहत भरी जाएंगी।

मैनेजमेंट कोटे की सीटों में से 15 प्रतिशत सीटें एनआरआइ श्रेणी के लिए निर्धारित हैं। आयुर्वेदिक एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों में सरकारी और निजी संस्थानों की 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मेरिट श्रेणी के तहत होंगी। 

इनकी काउंसिलिंग आयुष एडमिशंस सेंट्रल काउंसिलिंग कमेटी (एएसीसीसी) अथवा अधिसूचना में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार होगी। शेष 85 प्रतिशत सीटों की काउंसिलिंग श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र की ओर से एआइएपीजीईटी-2026 की मेरिट के आधार पर कराई जाएगी।

पीजी कोर्स बीच में छोड़ने पर सख्त प्रविधान किए गए हैं। सामान्य मेडिकल एमडी-एमएस पाठ्यक्रम में निर्धारित अंतिम तिथि से तीन दिन पहले या उसके बाद कोर्स छोड़ने वाले अभ्यर्थी पर 10 लाख रुपये का बांड लागू होगा और उसे अगले तीन साल तक राज्य के किसी भी पीजी कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन करने से वंचित किया जा सकेगा।

2500 रुपये तक पंजीकरण शुल्क

मेडिकल एमडी-एमएस के लिए सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को 2500 रुपये और हरियाणा की पीडब्ल्यूबीडी, एससी, बीसी तथा ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के अभ्यर्थियों को 1250 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा।

आयुर्वेदिक पाठ्यक्रमों में सामान्य श्रेणी के लिए यह शुल्क 2000 रुपये, जबकि हरियाणा की आरक्षित श्रेणियों और पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थियों के लिए 500 रुपये निर्धारित किया गया है। आयुर्वेदिक पाठ्यक्रमों की एनआरआइ श्रेणी के लिए पंजीकरण-काउंसलिंग शुल्क 10,000 रुपये है।

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