यमुनानगर-जगाधरी में 22 सड़कें बनेंगी सुरक्षित, मिलेंगे फुटपाथ और साइकिल ट्रैक; 45 करोड़ रुपये होंगे खर्च
यमुनानगर-जगाधरी में 22 प्रमुख सड़कों को राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।

यमुनानगर-जगाधरी में 22 सड़कें बनेंगी सुरक्षित (फाइल फोटो)
HighLights
22 प्रमुख सड़कें आरओडब्ल्यू मॉडल पर होंगी विकसित।
फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और जल निकासी की व्यवस्था होगी।
पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन मिलेगा, दुर्घटनाएं घटेंगी।
संजीव कांबोज, यमुनानगर। ट्विन सिटी यमुनानगर-जगाधरी में अब पैदल यात्रियों का सफर भी सुरक्षित बनाने की तैयारी है। इसके लिए पहले चरण में 22 प्रमुख सड़कों को राइट आफ वे (आरओड्ब्ल्यू) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 50.47 किलोमीटर होगी।
योजना के तहत सड़क निर्माण के साथ फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और जल निकासी के लिए ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पहले चरण में नेहरू पार्क से बर्शिष्टा कैफे वाया रवि अस्पताल, संतपुरा गुरुद्वारा से कन्हैया साहिब चौक और मधु रोड सहित मॉडल टाउन की कारपेट वाली सड़क को शामिल किया गया है।
यह होगा फायदा
शहर की अधिकांश व्यस्त सड़कों पर फुटपाथ नहीं हैं और जहां बने हुए हैं, वहां अतिक्रमण व अव्यवस्थित पार्किंग के कारण पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं बचती।
नतीजतन लोगों को मजबूरी में वाहनों के बीच सड़क पर चलना पड़ता है। औद्योगिक नगरी होने के कारण ट्विन सिटी में वाहनों का दबाव भी काफी अधिक रहता है।
ऐसे में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। प्रस्तावित परियोजना पूरी होने के बाद स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को आवागमन के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक रास्ते मिल सकेंगे।
फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनने से पैदल यात्रियों तथा साइकिल चालकों को अलग स्थान मिलेगा। इससे सड़क पर वाहनों और अन्य यात्रियों के बीच बेहतर तालमेल बनने के साथ यातायात व्यवस्था में सुधार और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
इन प्रमुख सड़कों को योजना में किया गया शामिल
योजना के तहत संतपुरा गुरुद्वारा से मधु होटल रोड, पीएचईडी ट्यूबवेल से माया राम फ्रूट शाप, परसराम चौक से सरनी चौक, रवि अस्पताल से शास्त्री पार्क, संगम स्पोर्ट्स से हुडा टर्न (छोटी लाइन), महावीर चौक से मुंडा माजरा चौक (सिटी सेंटर रोड), एसपी रेजिडेंस से जोली क्रॉकरी, हैफेड़ गोदाम से रिक्शा चौक, स्वामी रामतीर्थ पार्क से ठकराल गारमेंट्स, प्यारा चौक से जैन चक्की, गुलाटी टाइल्स से जैन चक्की और मधु होटल से मधु पार्क तक की सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा न्यू पुलिस लाइन से अग्रसेन चौक, कांबोज वाशिंग स्टेशन से छाबड़ा अस्पताल, पीएचईडी कार्यालय जगाधरी से झंडा चौक, कमानी चौक से जगाधरी बस स्टैंड, कमानी चौक से वाल्मीकि चौक, कमानी चौक से विश्वकर्मा चौक, सेक्टर-15, सेक्टर-18 (टाउन पार्क प्रवेश द्वार), ओपी जिंदल पार्क से पुरानी सहारनपुर रोड, पंचायत भवन से गांव गोविंदपुरा, जिमखाना रोड तथा कमानी चौक से फाउंटेन चौक तक के मार्ग भी प्रस्तावित योजना का हिस्सा हैं।
45 करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च
प्रस्तावित सड़कों का चयन ऐसे क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का पैदल आवागमन होता है। इन मार्गों के आसपास बाजार, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और सार्वजनिक कार्यालय होने के कारण पैदल यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है। पूरी परियोजना पर 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
शहरवासी योगेश कुमार व विकास कुमार का कहना है कि सड़कें केवल वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित होनी चाहिए। विकसित देशों की तर्ज पर शहरों में बेहतर फुटपाथ और पैदल यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।
शहर की प्रमुख सड़कों को राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। प्रथम चरण में तीन सड़कों के लिए टेंडर काल किया गया है।
महाबीर प्रसाद, कमिश्नर, नगर निगम।
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