शीतकालीन सत्र के बाद संगठन से लेकर कैबिनेट में फेरबदल के आसार, क्या भाजपा-जजपा गठबंधन पर लगेगा पूर्णविराम?
BJP-JJP Alliance हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र खत्म होते ही भाजपा सरकार और संगठन की गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल दो दिन के लिए दिल्ली दौरे पर हैं। वहीं लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव कराए जाने जेजेपी के साथ भाजपा के राजनीतिक रिश्तों को विराम देने राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के संकेत हैं।

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र खत्म होते ही भाजपा सरकार (Haryana BJP) और संगठन की गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल(CM Manohar Lal) जहां दो दिन के लिए दिल्ली दौरे पर रवाना हो गए हैं।
वहीं लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव कराए जाने, जेजेपी के साथ भाजपा के राजनीतिक रिश्तों को विराम देने, राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों के विभागों में फेरबदल होने तथा भाजपा संगठन में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी संगठन में किसी भी समय बड़ा बदलाव हो सकता है।
हरियाणा में लोकसभा के साथ ही हो सकते हैं विधानसभा चुनाव
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ इन मुद्दों पर निर्णायक चर्चा करने के लिहाज से मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा काफी अहम माना जा रहा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजों के तुरंत बाद माना जाने लगा था कि हरियाणा में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
सीएम ने कहा दोनों चुनाव के लिए रहे एकदम तैयार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दोनों चुनाव एक साथ कराए जाने की स्थिति में भाजपा के तैयार होने का दावा कर इन चर्चाओं को पूरी तरह से हवा दी। हरियाणा भाजपा के शीर्ष नेता भी चाहते हैं कि लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव करा लिए जाने चाहिएं।
ताकि मोदी लहर में वे भी आसानी से चुनावी वैतरणी पार कर सकें, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अभी ऐसा कोई संकेत राज्य के शीर्ष नेताओं को नहीं मिला है।
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भाजपा - जजपा गठबंधन पर भी हो सकता है बड़ा फैसला
जिसके आधार पर लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव कराए जा सकें। यदि केंद्रीय चुनाव आयोग और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से हरियाणा को लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव कराने का संकेत मिलता है तो पार्टी इसके लिए एकदम तैयार बताई जा रही है। राज्य में दूसरा बड़ा मुद्दा भाजपा व जेजेपी के रिश्तों को बनाए रखने अथवा दोनों का गठबंधन BJP-JJP Alliance in Haryana)टूट जाने का है।
तीन राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा उचित अवसर आने पर किसी भी समय जेजेपी की चाबी को अपने ताले से बाहर निकालकर फेंक सकती है, लेकिन पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि जेजेपी चूंकि एनडीए गठबंधन का हिस्सा है।
भाजपा सभी 10 लोकसभा सीटों पर लड़ सकती है चुनाव
इसलिए उसके बारे में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ही कोई फैसला लेगा। राज्य में भाजपा सभी 10 लोकसभा सीटों पर स्वयं चुनाव लड़ेगी। जेजेपी को चूंकि कोई सीट नहीं दी जाएगी। ऐसे में जेजेपी भी लोकसभा चुनाव लडने से पीछे नहीं हटेगी।
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