राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान सचिव रह चुके सीनियर IAS अधिकारी संजीव कौशल प्रदेश के नए मुख्य सचिव हो सकते हैं। संजीव कौशल फिलहाल वित्तायुक्त एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। कौशल प्रदेश के डीपीआर भी रह चुके हैं। उनकी गिनती सुलझे हुए अधिकारियों में होती है। मौजूदा मुख्य सचिव विजयवर्धन दो दिन बाद यानी 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। प्रदेश सरकार विजयवर्धन को मुख्य सचिव के पद पर सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) नहीं देने जा रही है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद किसी विशेष पद पर वियवर्धन की सेवाएं ली जा सकती हैं।

हरियाणा की पांचवीं महिला मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा के रिटायरमेंट के बाद पिछले साल 30 सितंबर को 1985 बैच के IAS अधिकारी विजयवर्धन को 34वां मुख्य सचिव बनाया गया था। इस पद पर उनका कार्यकाल 30 नवंबर को पूरा हो रहा है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा थी कि विजयवर्धन को मुख्य सचिव के पद पर सेवा विस्तार दिया जा सकता है, लेकिन सोमवार तक भी उनके सेवा विस्तार की कोई फाइल तैयार नहीं हुई, जिस कारण उनका रिटायरमेंट तय है।

मुख्य सचिव बनने के लिए 1986 बैच के चार सीनियर IAS अधिकारी लाइन में हैं। इनमें सबसे वरिष्ठ संजीव कौशल हैं। कौशल के बाद वीएस कुंडू, पीके दास और आलोक निगम के नाम आते हैं। आलोक निगम इसी माह 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, जबकि पीके दास और वीएस कुंडू की रिटायरमेंट अगले साल 2022 में है। संजीव कौशल की रिटायरमेंट 2024 में हैं। इसलिए संजीव कौशल का मुख्य सचिव बनना लगभग तय है। 30 नवंबर को उनकी नियुक्ति के आदेश जारी हो सकते हैं। संजीव कौशल के भाई सर्वेश कौशल पंजाब सरकार में मुख्य सचिव रह चुके हैं। संजीव कौशल ने वित्तायुक्त एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर रहते हुए दो बड़े काम दिए हैं।

संजीव कौशल का पहला काम राजस्व रिकार्ड को डिजिटल करने का है। दूसरा काम लाल डोरे की समस्या खत्म कर ऐसी तमाम प्रापर्टी पर लोगों को मालिकाना हक दिलाने का है। हालांकि यह दोनों प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दूरगामी सोच का नतीजा हैं, लेकिन संजीव कौशल ने अपनी प्रशासनिक क्षमता के बूते इन दोनों काम को जिस तन्मयता और जिम्मेदारी के साथ कम समय में पूरा किया है, उससे मुख्यमंत्री की साख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नजर में बहुत अधिक बढ़ी है। संजीव कौशल ने सीएम के प्रधान सचिव के पद पर रहते हुए हर विधायक, सांसद और मंत्री को संतुष्ट करते हुए राजशाही और नौकरशाही में बेहतरीन तालमेल बनाया था। मुख्यमंत्री उन्हें पसंद करते हैं।

पीके दास बनेंगे नए प्रदेश के नए वित्तायुक्त

संजीव कौशल के मुख्य सचिव बनने के बाद वित्तायुक्त एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर पीके दास की नियुक्ति तय है। पीके दास ने शिक्षा विभाग और बिजली विभाग में रहते हुए कई सुधार किए हैं। पीके दास की गिनती भी अच्छे और सुलझे हुए अफसरों में होती है। वीएस कुंडू भी हालांकि इस पद के लिए दावेदार हैं, लेकिन उनकी बेटी के भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला के साथ हुए विवाद के चलते कुंडू का नंबर कट सकता है। प्रदेश सरकार इस पद पर किसी विवादित प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति के हक में नहीं हैं, लेकिन वीएस कुंडू की प्रसासनिक दक्षता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अगले साल रिटायर हो रहे 10 IAS अफसर

हरियाणा में अगले साल तक 10 आइएएएस अधिकारी रिटायर हो रहे हैं। इस साल विजयवर्धन और आलोक निगम के अलावा 31 दिसंबर को महेश्वर शर्मा रिटायर हो रहे हैं। वीएस कुंडू की सेवानिवृति अगले साल 31 दिसंबर को है, जबकि पीके दास की सेवानिवृति अगले साल ही 31 अगस्त को है। उनके अलावा 1987 बैच के IAS डा. देवेंद्र सिंह, अमित झा, एसएन राय व मौजूदा गृह सचिव राजीव अरोड़ा भी 2022 में ही सेवानिवृत होने जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह 31 जुलाई, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा 30 जून, पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएन राय 31 अक्टूबर व गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा 31 जुलाई 2022 को सेवानिवृत होने वाले हैं। IAS आरएस वर्मा, अमरजीत मान 31 जुलाई व प्रदीप गोदारा 30 अप्रैल 2022 को सेवानिवृत होंगे। इन वरिष्ठ IAS अधिकारियों के सेवानिवृत होने से अफसरशाही में काफी नए IAS को सर्वोच्च पदों पर अपनी काबिलियत दिखाने का अवसर मिलेगा।

Edited By: Kamlesh Bhatt