Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वर्षा से ट्राईसिटी में आफत, पंचकूला में नदी का पुल टूटा, मोरनी में भूस्खलन और डेराबस्सी में बाढ़ का खतरा

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 01:43 PM (IST)

    चंडीगढ़ पंचकूला और मोहाली में भारी वर्षा से हालात बिगड़ गए हैं। मोरनी में भूस्खलन हुआ है जिससे कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पंचकूला में टांगरी नदी का पुल टूट गया है और सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से डेराबस्सी के गांवों में बाढ़ का खतरा है।

    Hero Image
    वर्षा में पानी के तेज बहाव के कारण पंचकूला में टांगरी नदी पर पुल टूट गया है।

    जागरण टीम, चंडीगढ़।  लगातार हो रही वर्षा से पहाड़ों से आ रहा पानी पंजाब में तबाही मचा रहा है। वीरवार रात हुई मूसलाधार वर्षा ने ट्राईसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) में भी हालात बिगाड़ दिए हैं। भारी बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्र मोरनी में कई जगह भूस्खलन हुआ है। कई सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    haryana news

    सभी सड़क मार्गों से संपर्क टूटने से मोरनी क्षेत्र पंचकूला जिले के शहरी इलाके से बिल्कुल कट कर अलग-थलग हो गया है। उधर, पानी के तेज बहाव में पंचकूला के खटौली गांव में टांगरी नदी का पुल टूट गया है।चंडीगढ़ में सुखना लेक के फ्लड गेट खोल दिए गए हैं, जिससे सेक्टर 26 बापूधाम में सुखना चौ का पानी पुल के ऊपर तक बह रहा है। इससे पंचकूला और मोहाली के कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

    मोरनी में बादल फटने जैसा मंजर

    मोरनी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्लासरा गांव में शुक्रवार सुबह बादल फटने जैसा मंजर देखने को मिला। घटना से भारी तबाही मच गई। ग्रामीणों के अनुसार तेज गर्जना के साथ अचानक एक साथ भारी मात्रा में पानी गिरा, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक आई इस बारिश से गांव की सड़कों, गलियों और खेतों में पानी भर गया और कई जगहों पर बड़ा नुकसान हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह का नजारा सामने आया, वह बिल्कुल बादल फटने जैसा था। लोगों को यह समझने में देर लगी कि आखिर हुआ क्या है। प्रशासन की टीम हालात का जायज़ा लेने और नुकसान का आकलन करने के लिए मौके पर भेजी गई है।

    मोहाली के डेराबस्सी क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा

    लगातार वर्षा और कैचमेंट एरिया में पानी बढ़ने के कारण घग्गर नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। नदी में पानी का बहाव 70,000 क्यूसेक को पार कर गया। प्रशासन ने मोहाली के डेराबस्सी उपमंडल के नदी किनारे बसे गांवों को विशेष सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

    बाढ़ की आशंका जिन गांवों पर अधिक है, उनमें तिवाना, खजूर मंडी, सदनपुर, सरसिनी, आलमगीर, डंगढेरा, मुबारिकपुर, मीरपुर और बाकरपुर शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि इन गांवों में रहने वाले लोग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। 

    चंडीगढ़ में बड़े पेड़ उखड़े, पानी का रास्ता रुका तो हुआ नुकसान

    रात को हुई भारी बारिश से सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से एकदम ऊपर पहुंच गया। पानी बढ़ते देख रात को ही सुखना के दोनों फ्लड गेट खोलने पड़े। सुखना चौ में पानी सभी पुलों के ऊपर से बहने लगा। पानी का तेज बहाव सेक्टर-26 बापूधाम पुल के दोनों तरफ लगी लोहे की जाली और पुलिस के बैरिकेड तक बहाकर ले गया।

    कई बड़े पेड़ भी उखड़कर पुल के आगे अड़ने से कई जगह पानी घुस गया। इंडस्ट्रियल एरिया स्थिति सुखना चौ पुल के ऊपर से पानी निकला यहां भी पुल के दोनों तरफ लगी जाली और ग्रिल पानी में बह गई। पानी पुल के ऊपर से बहने की वजह से बापूधाम और इंडस्ट्रियल एरिया में तो रोड को दोनों तरफ से बंद करना पड़ा। पुलिसबल मौके पर तैनात रहा।

    हालांकि बापूधाम पुल बाद में ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया। लेकिन दोनों तरफ पुल की जाली नहीं होने से यहां से गुजरना खतरनाक भी हो गया है। सड़क से टकराकर सुखना चौ का पानी बह रहा है। अगर जरा सा भी वाहन का संतुलन बिगड़ा खासकर दो पहिया वाहन का तो वह सीधे चौ में जा सकता है। इसको देखते हुए पुलिस मुश्तैदी से लेन में ट्रैफिक निकलवा रही है।

    रात को हुई जमकर बारिश

    रात से दोपहर तक सुखना लेक का पानी सुखना चौ के रास्ते घग्गर में छोड़ा जाता रहा। गनिमत यह रही कि बारिश रात को हुई दिन में होती तो जनजीवन ज्यादा प्रभावित होता। सड़कों पर पानी में बहकर आया मलबा, मिट्ठी जगह-जगह जमा है।

    मौसम विभाग के अनुसार रात में ही चंडीगढ़ में 35 एमएम बारिश हो गई। बारिश का दौर वीरवार देर रात से शुरू हो गया। जो सुबह तक चला। बारिश से पूरे शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई कालोनियों और गांवों में घरों में पानी घुसने की भी सूचना है। सिर्फ कालोनी और गांवों में ही नहीं कई जगह पाश एरिया में भी घरों के अंदर पानी चला गया।

    अभी और बारिश होगी

    मौसम विभाग के अनुसार अभी चंडीगढ़ और आस-पास एरिया में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। शुक्रवार को भी बारिश होगी। अगस्त के बाद सितंबर माह में भी बारिश होती रहेंगी। सितंबर के आखिर तक मानूसन की विदाई से राहत मिलेगी। हालांकि बारिश का कोटा अभी चंडीगढ़ में पूरा हो चुका है। यहां औसत बारिश 850 एमएम के आस-पास रहती है। अभी यह आंकड़ा छू लिया है। सितंबर की बारिश बोनस होगी।