जेएनएन, चंडीगढ़  राष्ट्रपति चुनाव में हरियाणा से एक वोट का खेल हो गया। नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भाजपा के अलावा प्रमुख विपक्षी दल इनेलो, शिरोमणि अकाली दल (बादल) और बसपा विधायक के साथ-साथ पांचों आजाद विधायकों ने वोट दिए। यूपीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार को उनकी पार्टी के 17 विधायकों में से एक विधायक का वोट नहीं मिल पाया। पार्टी के सभी 17 कांग्रेस विधायकों ने वोट पोल किए थे, लेकिन एक वोट संभवत रद हो गया।

प्रदेश में विधायकों की संख्या 90 है। इन सभी विधायकों ने मतदान किया था। इनमें भाजपा के 47, इनेलो के 19, बसपा व शिरोमणि अकाली दल (बादल) एक-एक तथा पांच आजाद विधायक शामिल हैैं। कांग्रेस विधायकों की संख्या 17 है। 1971 की जनगणना के हिसाब से एक विधायक के वोट की वैल्यू 112 है।

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नवनिर्वाचित राष्ट्रपति कोविंद को 73 विधायकों के वोट मिले। उनके वोट की वैल्यू 8176 है। यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार को 16 वोट मिले और उनके वोट की वैल्यू 1792 है। एक आजाद विधायक का वोट कोविंद को मिलने की संभावना कम जताई जा रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दावा मानें तो अंतर-आत्मा की आवाज का लाभ पार्टी को मिला है। 

कांग्रेस के किस विधायक का वोट रद हुआ यह स्पष्ट नहीं हो सकता, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिस विधायक का वोट रद हुआ है, क्या वह तकनीकी खामी के चलते निरस्त हुआ अथवा उन्होंने जान बूझकर गड़बड़ किया था।

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Posted By: Ankit Kumar

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