Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Mobile App Voting: मतदान के लिए लंबी लाइनों का झंझट खत्म, हरियाणा EC ने बनाया क्यू मैनेजमेंट एप

    By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
    Updated: Fri, 15 Sep 2023 04:00 AM (IST)

    हरियाणा में मतदान के लिए मतदाताओं को अब घंटों लाइन में खड़े नहीं होना पड़ेगा। निर्वाचन विभाग ने क्यू मैनेजमेंट मोबाइल एप्लीकेशन बनाया है जिससे मतदाताओं को अपनी बारी का पता लग जाएगा। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को भारतीय निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त हिरदेश कुमार के साथ बैठक में मोबाइल एप के बारे में अवगत कराया।

    Hero Image
    मोबाइल एप के माध्यम से मतदाता को अपनी बारी का लगेगा पता

    चंडीगढ़,राज्य ब्यूरो। हरियाणा में मतदान के लिए मतदाताओं को अब घंटों लाइन में खड़े नहीं होना पड़ेगा। निर्वाचन विभाग ने क्यू मैनेजमेंट मोबाइल एप्लीकेशन बनाया है जिससे मतदाताओं को अपनी बारी का पता लग जाएगा। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को भारतीय निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त हिरदेश कुमार के साथ बैठक में मोबाइल एप के बारे में अवगत कराया। हरियाणा ऐसा एप बनाने वाला पहला प्रदेश है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    लोकसभा चुनावों के मद्देनजर हरियाणा, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों तथा उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हिरदेश कुमार ने बैठक में मतदाता सूचियों के संशोधन पर विस्तार से जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में एक करोड़ 95 लाख 48 हजार 846 मतदाता हैं, जिनमें एक करोड़ चार लाख 16 हजार 965 पुरुष और 91 लाख 31 हजार 447 और 434 ट्रांसजेंडर शामिल हैं।

    राज्य में 19 हजर 863 मतदान केंद्र हैं, जिनमें 5917 शहरों में तथा 13 हजार 946 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। सभी मतदान केंद्र भू-तल ग्राउंड फ्लोर पर बनाए गए हैं, ताकि दिव्यांग मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। एक मतदान केंद्र में मतदाताओं की औसतन संख्या 984 है। अनुराग अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में लोगों को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

    पहले किसी भी वर्ष की एक जनवरी को या उससे पहले 18 वर्ष के होने वाले युवा ही मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के पात्र होते थे। अब किसी भी वर्ष की एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई तथा एक अक्टूबर को 18 साल की उम्र होने पर युवा स्वयं को मतदाता के रूप में पंजीकरण करवा सकते हैं।