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Haryana News: मनोहर लाल को दो मंत्रालय मिलने से प्रदेश को मिलेगी रफ्तार, बिजली सुधार और शहरी विकास में दिखेगी छाप

हरियाणा में बिजली सुधारों और शहरी विकास को अब रफ्तार मिलनी तय है। दरअसल हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manohar Lal) को केंद्र सरकार ने आवास एवं शहरी मामले और ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है। इसके बाद प्रदेश में बीते एक दर्जन के करीब बड़े प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है। कई योजनाओं में जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

By Sudhir Tanwar Edited By: Deepak Saxena Published: Tue, 11 Jun 2024 07:19 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 07:19 PM (IST)
मनोहर लाल को दो मंत्रालय मिलने से प्रदेश को मिलेगी रफ्तार (फाइल फोटो)।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में हुए बिजली सुधारों और शहरी विकास की छाप अब पूरे देश में दिखेगी। साढ़े नौ साल तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे प्रदेश की बागडोर संभाल चुके पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी मामले तथा ऊर्जा मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया। वर्तमान में दोनों मंत्रालयों के करीब एक दर्जन बड़े प्रोजेक्ट प्रदेश में चल रहे हैं, जिनके रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार 600 मेगावाट के यमुनानगर बिजली संयंत्र में 800 मेगावाट की अतिरिक्त कोयला आधारित सुपरक्रिटिकल यूनिट स्थापित करने की मंजूरी दे चुकी है। वैश्विक निविदाएं मांगी गई हैं, कांट्रेक्ट के बाद इसे 52 सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य है। इसी तरह आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत मेट्रो रेल परियोजनाओं में भी तेजी आएगी। 5618 करोड़ की हरियाणा आर्बिटल रेल कारिडोर और 70 हजार करोड़ की क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (नमो भारत ट्रेन) को पंख लगेंगे। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करनाल और फरीदाबाद में चल रहे कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

बिजली में हुआ सुधार

बिजली सुधारों की बात करें तो वर्ष 2014 तक 27 हजार करोड़ रुपये के घाटे में चल रही बिजली कंपनियां 500 करोड़ रुपये से अधिक के मुनाफे में हैं। भिवानी जिले के बाढड़ा, जहां बिजली को लेकर बड़े-बड़े आंदोलन हुए, वहां पर आयोजित एक कार्यक्रम में झोली फैलाकर बिजली के बिल भरने की मनोहर अपील का ऐसा असर हुआ कि अधिकतर लोगों ने स्वयं बिजली के बिल भरने शुरू कर दिए।

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लाइन लास 34 फीसदी से घटकर हुआ 15 प्रतिशत

म्हारा गांव, जगमग गांव योजना के तहत आज प्रदेश के 85 प्रतिशत से अधिक गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। दस साल में बिजली के रेट भी नहीं बढ़े और लाइन लास 34 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत पर आ गया है। खेती में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले साल 53 हजार कृषि नलकूपों को सौर ऊर्जा पर लाया गया और इस साल भी 70 हजार कृषि नलकूपों को सौर ऊर्जा पर लाने का लक्ष्य रखा गया है।

आज हरियाणा में 13 हजार 367.81 मेगावाट की स्थापित विद्युत क्षमता है। इसमें हरियाणा पावर जनरेशन कारपोरेशन 2929.30 मेगावाट, निजी संयंत्र 6569.75 मेगावाट तथा केंद्रीय क्षेत्र में आने वाले संयत्र 3868.76 मेगावाट का योगदान कर रहे हैं। प्रदेश के विद्युत संयंत्रों का प्लांट लोड फैक्टर यानी संयंत्रों की क्षमता का इस्तेमाल 72 प्रतिशत पर पहुंच गया है, जो एक दशक पहले 45 प्रतिशत था।

शहरों में गरीबों को आवास पर अब तेजी से काम

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत हरियाणा के शहरों में गरीबों के लिए 30 हजार 303 घर बनाने की मंजूरी मिली है। इनमें 15 हजार 45 घर बन चुके हैं और 15 हजार 258 मकानों के निर्माण का काम जारी है। इसी तरह अमृत योजना में 1774 किलोमीटर पानी की पाइप लाइनें बिछाई गई हैं।

अन्य राज्यों में भी लागू हो सकती स्वामित्व योजना और प्रॉपर्टी सर्वे

हरियाणा में मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के तहत लोगों को कलेक्टर रेट से कम राशि का भुगतान करने पर मालिकाना हक देने की योजना को केंद्र सरकार के स्तर पर सराहा गया है। ऐसे में अब दूसरे राज्यों में भी इसे लागू किया जा सकता है। सरकारी मकान-दुकान और प्लाटों पर 20 साल से अधिक समय से काबिज लोगों को मालिकाना हक के लिए कलेक्टर रेट पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इसी तरह प्रापर्टी सर्वे की योजना को भी अन्य प्रदेशों में लागू करने की तैयारी है।

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