ओपी सिंह बने हरियाणा के कार्यवाहक DGP, शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजा
हरियाणा सरकार ने आईपीएस वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया है। आईपीएस ...और पढ़ें

आईपीएस OP सिंह होंगे हरियाणा के कार्यवाहक DGP (Jagran Photo)
HighLights
राहुल गांधी के चंडीगढ़ पहुंचने से पहले हरियाणा सरकार का बड़ा निर्णय
राहुल गांधी चंडीगढ़ पहुंचने पर सीधे आईपीएस पूरन कुमार के आवास पर पहुंचे
राहुल गांधी ने आईएएस अमनीत कुमार और उनके परिवार को सांत्वना दी
जागरण संवाददाता, पंचकूला। आईपीएस वाई पूरन कुमार के आत्महत्या प्रकरण का मंगलवार को आठवां दिन है। सोमवार रात हरियाणा सरकार ने पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजा और सुबह आईपीएस ओमप्रकाश सिंह को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है। यह कार्यवाही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चंडीगढ़ पहुंचने से पहले की गई है।
वहीं, पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अफसर अमनीत पी कुमार और उनके विधायक साले अमित रतन कोटफत्ता, एससी समाज और कई संगठन पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजराणियों को पद से हटाने, गिरफ्तार और निलंबित करने की मांग कर रहे थे। इससे पहले सरकार बिजरानिया का तबादला कर चुकी है।
इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा सरकार पर सवाल उठ रहे थे। डीजीपी कपूर को छुट्टी पर भेजना मामले को शांत करना है। क्योंकि आठवें दिन भी आईपीएस पूरन कुमार के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। ऐसे में सुबह करीब 11 बजे राहुल गांधी चंडीगढ़ पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पंजाब कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह वडिंग पहुंचे।
एयरपोर्ट से राहुल गांधी सीधे आईपीएस पूरन कुमार के सेक्टर-24 स्थित आवास पर आईएएस अमनीत कुमार से मिलने पहुंचे। उनके साथ सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा और अंबाला सांसद वरुण कुमार भी है। उन्होंने आईपीएस पूरन कुमार की प्रतिमा के सामने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और इसके बाद आईएएस अमनीत और परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत की।
सात दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम
आईपीएस पूरन कुमार का सातवें दिन भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ। ऐसे में पोस्टमार्टम नहीं होने पर पुलिस ने फिर परिवार को चेताया, साक्ष्य नष्ट होने का खतरा वाई पूरन कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।
सोमवार शाम पुलिस ने परिवार को दूसरा पत्र सौंपा। इससे पहले पुलिस ने रविवार को अमनीत पी कुमार को पत्र भेजकर चेताया था कि यदि समय रहते पोस्टमार्टम नहीं कराया गया तो साक्ष्यों के नष्ट होने का खतरा बढ़ जाएगा। पुलिस के पहले पत्र पर परिवार ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया था। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें थोड़ा और समय चाहिए।
