जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की सिविल जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा में ब्राह्मणों के बारे में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने के मामले में बड़ा कदम उठाए जाने की खबर है। बताया जाता है कि एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती को सस्पेंड किए जाने का आदेश दिया है। भारती इस मामले की जांच पूरी हो तक भारती निलंबित रहेंगे। हरियाणा के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने भारती को निलंबित किए जाने के सरकार के फैसले की पुष्टि की है। हरियाणा के इतिहास में यह पहला मौका है जब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन को किसी विवाद के चलते निलंबित किया गया है।

मुख्य परीक्षक के विरुद्ध दर्ज होगी एफआइआर, एसीएस स्तर का अधिकारी करेगा जांच

इसके साथ ही परीक्षा के लिए प्रश्‍नपत्र तैयार करने वाले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की सिविल जूनियर इंजीनियर की परीक्षा का प्रश्न पत्र सेट करने वाले मुख्य परीक्षक के खिलाफ हो सकता है मुकदमा दर्ज हो सकता है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा बुलाए गए भाजपा के ब्राह्मण विधायकों तथा मंत्रियों और समाज के प्रमुख ब्राह्मण नेताओं की करीब दो घंटे चली अहम बैठक में भारती को पद से हटाने का निर्णय किया गया है। भारती तब तक राज्य कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन पद से निलंबित रहेंगे, जब तक इस पूरे मामले की जांच चलेगी।

यह भी पढ़ें:HSSC परीक्षा में सवाल; कौन सा अपशकुन नहीं-काले ब्राह्मण से मिलना, ब्राह्मण कन्‍या को देखना

मंत्री समूह की बैठक में भी छाया रहा भारती के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा

हरियाणा मंत्री समूह की बुधवार देर रात तक चली बैठक में ब्राह्मणों पर पूछे गए विवादित सवाल का मुद्दा छाया रहा। रात करीब 11 बजे तक मुख्यमंत्री के निवास पर चली बैठक में अधिकतर मंत्रियों ने भारती के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।

इसके बाद मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने ब्राह्मण समाज के प्रमुख लोगों, मंत्रियों और विधायकों को बातचीत के लिए बबृहस्‍पतिवार को बुलाया। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के तमाम ब्राह्मण विधायकों, मंत्रियों, बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन तथा ब्राह्मण समुदाय के प्रमुख लोगों को बुलाया गया। बैठक में ब्राह्मण जनप्रतिनिधियों से पूछा गया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की सिविल जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में विवादित सवाल पूछने वाले मुख्य परीक्षक के विरुद्ध वे क्या कार्रवाई चाहते हैैं। 

यह भी पढ़ें: प्रेमिका ने काटा युवक का प्राइवेट पार्ट, डॉक्टरों ने 12 घंटे की सर्जरी कर जोड़ा

इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने के लिए मामले की उच्च स्तरीय जांच भी कराने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के अनुसार, यह जांच कोई उच्च सक्षम अधिकारी करेगा। राज्य सरकार अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से जांच कराने को तैयार है। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट करने वाले मुख्य परीक्षक को पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया है। उसे डी-बार करते हुए राज्य सरकार ने मुख्य परीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का भी निर्णय लिया है। यह मुकदमा पंचकूला में आज ही दर्ज हो सकता है।

भाजपा नेता एवं राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स तथा ब्राह्मण नेता संजीव भारद्वाज ने सरकार के साथ हुई बातचीत पर संतोष जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ब्राह्मणों की समस्त मांग मानने को तैयार हो गई है और अब कहीं कोई विवाद की स्थिति नहीं है। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के अनुसार, सोनीपत में धरने पर बैठे ब्राह्मण समाज के लोगों से भी बातचीत हो गई है और उन्हें राज्य सरकार के फैसले की जानकारी दे दी गई है। उनके द्वारा दिया जा रहा धरना उठाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विदेश जाने के बाद भी इस पूरे मामले को लेकर राजनीति की जाती रही। मुख्यमंत्री ने विदेश से आते ही कमान संभालते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर ही ब्राह्मणों को बातचीत के लिए बुला लिया था, जिसके बाद अब आयोग के चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई करने का अहम फैसला लिया जा चुका है।

मंत्रियों में भी था भारती के खिलाफ आक्रोश

हरियाणा के विपक्षी राजनीतिक दल तो आयोग द्वारा विवादित सवाल पूछे जाने का विरोध कर ही रहे थे, लेकिन राज्य सरकार के मंत्रियों में भी विवादित सवाल पूछे जाने पर कड़ी नाराजगी थी। हरियाणा के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ पहले ही अपनी नाराजगी जता चुके थे। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने भी बुधवर को अपनी नाराजगी से आयोग के चेयरमैन तथा मुख्यमंत्री को वाकिफ करा दिया था। राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स भी विवादित सवाल पूछे जाने का विरोध कर रहे थे।

बता दें कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा अायोजित जूनियर सिविल इंजीनियर की लिखित परीक्षा में प्रश्‍न पत्र में ब्राह्मणों से जुड़े एक विवादास्पद सवाल पूछा यगा था। मामला संज्ञान में आते ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने खेद जताते हुए तत्काल प्रभाव से इस प्रश्न को हटाते हुए दोषी अफसर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी।

यह भी पढें: ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने से कई मंत्री भी नाराज

10 अप्रैल को ली गई इस परीक्षा में 75वें नंबर के सवाल में पूछा गया था कि कौन-सा हरियाणा में अपशकुन नहीं माना जाता है? जवाब में चार विकल्प दिए गए जिसमें पहला खाली घड़ा, दूसरा फ्यूल भरा कास्केट, तीसरा काले ब्राह्मण से मिलना और चौथा ब्राह्मण कन्या को देखना था।

विवाद के बाद हटाया सवाल, आयोग ने कहा- दोषी पर हाेगी कार्रवाई

परीक्षा की उत्तर कुंजी में सही उत्तर ब्राह्मण कन्या को देखना दर्शाया गया है। इसे इश्यू बनाते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति ने कई स्थानों पर प्रदर्शन करते हुए पूछा कि क्या काले ब्राह्मण से मिलना अपशकुन है? इसके साथ ही दोषियों पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर विभिन्न स्थानों पर ज्ञापन सौंपे गए।

-------

जूनियर सिविल इंजीनियर की लिखित परीक्षा का प्रश्‍न पत्र। अंतिम प्रश्‍न पर हंगामा मचा।

-------

एचएसएससी के चेयरमैन ने दी थी सफाई

 मामला गरमाने के बाद कर्मचारी चयन आयोग ने सफाई दी थी। आयाेग के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने कहा था कि आयोग के कार्यालय की ओर से न तो प्रश्नों को पढ़ा गया और न ही निरीक्षण किया गया। परीक्षा हॉल में प्रश्नपत्र खुलने के बाद ही गलत सवाल का पता चला। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस प्रश्न को वापस ले लिया गया है।

विवाद के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी पत्र।

ब्राह्मणों के साथ ही गैर जाटों को भी खुश करने की रणनीति

हरियाणा की भाजपा सरकार फिलहाल चुनावी मोड में है। भाजपा मिशन 2019 की तैयारी कर रही है। उसका पूरा वोट बैंक गैर जाट माना जा रहा है। हरियाणा में हुए जाट आंदोलन तथा डेरा हिंसा के बाद भाजपा किसी भी सूरत में ब्राह्मणों की नाराजगी मोल नहीं ले सकती थी। लिहाजा ब्राह्मणों तथा गैर जाट मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए सरकार ने भारती के खिलाफ कार्रवाई करने का अहम कड़ा निर्णय लिया।

यह भी पढें: प्रश्‍नपत्र विवाद: एसएसएससी का मुख्य परीक्षक ब्लैकलिस्ट, आजीवन प्रतिबंध लगा

पेहवा प्रकरण में विधानसभा में खारिज हो चुकी थी भारती के खिलाफ जांच की मांग

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती के विरुद्ध कार्रवाई का मुद्दा राज्य के बजट सत्र में भी उठा था। विधानसभा में विपक्ष के विधायकों अभय सिंह चौटाला और जसविंदर संधू, कुलदीप शर्मा व कर्ण सिंह दलाल ने आरोप लगाया था कि उनके कहने पर उनके बेटे ने पेहवा नगर पालिका का चेयरमैन बनाने के लिए लाखों रुपये की सौदेबाजी की है। तब भारती के खिलाफ जांच की मांग उठी थी, मगर उसे नजर अंदाज कर दिया गया था।

विधायकों ने ही खोल रखा था भारती के खिलाफ लंबे समय से मोर्चा

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती पिछले काफी समय से अपनी ही सरकार के विधायकों तथा मंत्रियों के साथ-साथ पार्टी नेताओं के निशाने पर थे। उनके कार्यकाल में करीब 25 हजार सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा इतनी ही नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जिन विधायकों की सिफारिश नहीं चल रही थी, वे पिछले काफी समय से भारती के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे।

Posted By: Sunil Kumar Jha