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हरियाणा SIR में कटे 33.83 लाख मतदाताओं को फिर मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका, क्या है प्रोसीजर?

Published: Sat, 07 Nov 2026 04:18 PM (IST)

हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रारंभिक मतदाता सूची से बाहर हुए 33.83 लाख मतदाताओं को चुनाव आयोग ने ...और पढ़ें

हरियाणा SIR में कटे 33.83 लाख मतदाताओं को फिर मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका (फाइल फोटो)

हरियाणा SIR में कटे 33.83 लाख मतदाताओं को फिर मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 33.83 लाख मतदाताओं को सूची में शामिल होने का मौका।

  2. मतदाता ईआरओ/एईआरओ को गणना फार्म जमा कर सकते हैं।

  3. निवास स्थान न बदलने वाले कारण सहित घोषणा पत्र दें।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान प्रारंभिक मतदाता सूची से बाहर हुए 33.83 लाख मतदाताओं को चुनाव आयोग ने एक और मौका दिया है।

अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा दोहरी प्रविष्टि (एएसडीडी) के रूप में चिह्नित होने या गणना फार्म जमा नहीं करने के कारण सूची से बाहर रहे मतदाता अब तय प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल करा सकेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि संबंधित मतदाताओं की बूथवार सूचियां मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों तथा संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएंगी।

वेबसाइट पर पीडीएफ प्रारूप में भी उपलब्ध होंगी, जिनमें नाम शामिल नहीं होने के संभावित कारण दिए जाएंगे। एसआइआर के दौरान आयोग ने 10 लाख 37 हजार 708 मतदाताओं को अनुपस्थित, सात लाख 66 हजार को मृत, 13 लाख 74 हजार 759 को स्थानांतरित और दो लाख चार हजार, 832 मतदाताओं को दोहरी प्रविष्टि के रूप में चिह्नित किया था।

इस तरह दो करोड़ छह लाख 55 हजार 929 मतदाताओं में से एक करोड़ 72 लाख 72 हजार 627 मतदाता ही 31 जुलाई को प्रकाशित प्रारंभिक सूची में जगह बना सके थे।

कैसे जुड़वाएं नाम?

सूची में नाम जुड़वाने के लिए मतदाता अपने वर्तमान सामान्य निवास के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को विधिवत भरा गणना फार्म दे सकते हैं।

पुराना ईपीआइसी नंबर इस्तेमाल कर आयोग की वेबसाइट या ECINET एप से भी फार्म डाउनलोड किया जा सकता है। जिनका निवास स्थान नहीं बदला है, उन्हें हस्ताक्षरित फार्म के साथ घोषणा पत्र (अनुलग्नक-बी) देना होगा और पहला फार्म जमा नहीं करने का कारण बताना होगा।

हरियाणा में ही दूसरे स्थान पर जाने वालों को फार्म-8 नहीं देना होगा। उन्हें नए पते और विधानसभा क्षेत्र के विवरण के साथ गणना फार्म, घोषणा पत्र (अनुलग्नक-सी) और निवास प्रमाण नए क्षेत्र के ईआरओ/एईआरओ को देना होगा।

बेघर व्यक्तियों के लिए बीएलओ की फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट पर्याप्त होगी, यदि उनके पास निवास प्रमाण का दस्तावेज नहीं है।

नए पंजीकरण के लिए फार्म-6 जमा करा चुके मतदाताओं को दोबारा गणना फार्म या घोषणा पत्र नहीं देना होगा। पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में जोड़े जाएंगे और उन्हें एसआइआर से पहले का ईपीआइसी नंबर फिर दिया जाएगा।

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