विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सिर्फ दिल्ली ही नहीं, सिरसा के 'चांदनी चौक' की भी है अपनी धमक; 124 साल पुराना है इसका इतिहास

Published: Sat, 07 Nov 2026 03:55 PM (IST)

सिरसा का चांदनी चौक बाजार 123 साल पुराना है, जिसका नाम दिल्ली के चांदनी चौक पर पड़ा और यह पहले ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. सिरसा का चांदनी चौक बाजार दिल्ली के नाम पर 123 साल पुराना

  2. बाजार गुड़-किराना से अब कपड़ों की दुकानों का केंद्र बना

  3. गीता भवन वाली गली अब फास्ट फूड का लोकप्रिय हब

जागरण संवाददाता, सिरसा। शहर का चांदनी चौक बाजार सबसे पुराना है। करीब 123 वर्ष पहले दिल्ली के चांदनी चौक बाजार के नाम पर ही इस बाजार का नाम रखा गया।

जिसके पश्चात इसके आसपास अन्य कई बाजार बने है। बाजार के पीछे अनाज मंडी और गुड़ मंडी हुआ करती थी। जिसे आज भादरा बाजार का नाम दिया गया है। पहले इस बाजार में गुड़ और करियाणा की दुकानें अधिक होती थी। लेकिन वर्तमान में हर प्रकार की दुकानों व शोरूम का यहां पर संचालन हो रहा है।

शहर के बीचों बीच स्थित बलिदानी भगत सिंह चौक के साथ ही चांदनी चौक बाजार बना हुआ है। बुजुर्ग दुकानदार व व्यापारियों के अनुसार सबसे पहले यहां पर सेठ नंदलाल की हवेली बनी थी।

जिसके ऊपर घंटा लगा हुआ था और उसी से कुछ दूरी पर ही घंटाघर चौक भी बना हुआ था। सेठ नंदलाल की हवेली पर लगी घड़ी पर आसपास के लोग समय देखते थे और हर घंटे यहां पर घंटा बजता था।

सेठ नंदलाल हवेली के सामने ही श्याम लाल मेहता की हवेली थी। नंदलाल हवेली बनने के बाद यहां आसपास दुकानों की संख्या भी बढ़ना शुरू हो गई।

तब चांदनी चौक बाजार में दो से तीन दुकानें कपड़े की थी और अधिक दुकानें करियाणा व गुड़ की हुआ करती थी। यहां से ग्रामीण व दूसरे राज्यों के लोग खरीदारी करने के लिए आते थे।

लेकिन आज के समय में यहां बड़े शोरूम, माल और आसपास कई बाजार बसे हुए है। वहीं श्याम लाल मेहता की हवेली के पीछे आज मोहता मार्केट बनी हुई है।

राशन कार्ड पर मिलता था दुकानों से कपड़ा

व्यापारियों के अनुसार बाजार में तब दो से तीन ही कपड़े की दुकानें हुआ करती थी। उस समय कपड़ा भी राशन कार्ड पर ही दुकान से मिलता था। राशन कार्ड पर व्यापारियों की तरफ से परिवार के अनुसार कपड़ा दिया जाता था। चांदनी चौक शहर के बीचों बीच स्थित है। इसके चारों तरफ आज काफी दूरी तक बाजार व शहर फैल चुका है।

चांदनी चौक बाजार शहर का सबसे पुराना बाजार है। चौक के साथ ही सेठ नंदलाल की हवेली है जो काफी मशहूर है। बाजार में दो से तीन दुकानें ही कपड़े की हुआ करती थी। इसके पीछे अनाज मंडी व गुड़ मंडी थी और बाजार में करियाणा की अधिक दुकानें थी। अब तो आसपास काफी गांव फैल गए है। घंटाघर चौक की जगह पर मटका चौक बन गया है। पुराना बाजार होने के साथ ही आज यहां पर पार्किंग की बड़ी समस्या बनी हुई है। बाजारों में आवाजाही करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। बाजारों में पार्किंग की समस्या का हल किया जाए तो स्थिति सामान्य होगी। बाजारों में अब सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कर्मी भी तैनात नहीं रहते। -तरूण भाटी, समाजसेवी, सिरसा

गीता भवन वाली गली बनी फास्ट फूड का हब, शाम को लगती है बाजार में भीड़

शहर के सदर बाजार के साथ ही स्थित गीता भवन वाली गली आज फास्ट फूड का हब बन चुकी है। शाम के समय यहां पर फास्ट फूड का सेवन करने के लिए शहर वासियों की भीड़ लगती है।

इस बाजार में फास्ट फूड संबंधित हर प्रकार की खाद्य सामग्री मिलती है। यह बाजार करीब 20 वर्ष पुराना है। इस बाजार में 80 के करीब दुकानें व शोरूम है।

रोड़ी बाजार से बस स्टैंड की तरफ जाने के लिए सभी गलियों से आवाजाही होती है और सभी गलियां गीता भवन वाली गली के साथ लगती है। सिरसा का नक्शा जयपुर की तर्ज पर बना हुआ है। प्रत्येक बाजार में आवाजाही करने के लिए गलियों है और आमने सामने हैं। प्रत्येक चौक के साथ ही चार बाजार लगते हैं। -कीर्ति गर्ग, व्यापारी

इतिहास

गीता भवन वाली गली के कोने पर गीता भवन मंदिर स्थित है। जिसके नाम से बाजार का नाम रखा गया है। सदर बाजार से हिसारिया बाजार की तरफ जाने के लिए यह मुख्य गली है।

पहले इस स्थान पर खाई हुआ करती थी। जिसके चलते इसे खाई वाली गली का नाम भी दिया गया। इसके पश्चात पुरानी तहसील वाली गली और फिर रामा आप्टिकल्ज वाली गली व अब गीता भवन वाली गली का नाम दिया गया है। बताया जाता है कि करीब 20 वर्ष पहले यहां पर दुकानों की बजाए रिहायशी एरिया ही हुआ करता था।

गीता भवन वाली गली के कोने पर पहले खाई हुआ करती थी। इसके साथ ही गीता भवन मंदिर बना हुआ है। पहले मंदिर का दरवाजा आर्य समाज रोड की तरफ खुलता था। अब दरवाजा इस तरफ खुलने के चलते इसका नाम गीता भवन वाली गली पड़ गया। बाजार में फास्ट फूड की काफी रेहड़ियां व दुकानें है। जिसके चलते बाजार में शाम को काफी भीड़ लगती है। -मनमोहन मिढ़ा, सिरसा ।


देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।