35 साल की हरियाणा पुलिस में सेवा, रिटायरमेंट के बाद मिलेगा IPS का दर्जा; जानें इसके पीछे क्या रहे कारण?
कैट ने हरियाणा पुलिस अधिकारी राज कुमार वालिया को सेवानिवृत्ति के बाद आईपीएस का दर्जा देने का आदेश दिया है। ...और पढ़ें

कैट ने दिए आईपीएस कैडर में नियुक्ति के निर्देश। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
कैट ने आईपीएस दर्जा देने का आदेश दिया।
प्रशासनिक देरी के कारण पहले वंचित रहे।
आईपीएस के सभी लाभ, निरंतर सेवा मिलेगी।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। विभागीय देरी किसी योग्य अधिकारी के करियर पर भारी नहीं पड़ सकती। हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) के अधिकारी राज कुमार वालिया का मामला इसका उदाहरण है।
वर्ष 2022 की आईपीएस चयन सूची में दूसरा स्थान मिलने और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से मंजूरी के बावजूद उन्हें केवल इस आधार पर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने तक वह सेवानिवृत्त हो चुके थे।
अब केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2022 के पैनल के अनुसार देय तिथि से आईपीएस कैडर में नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। अधिकरण ने केंद्र सरकार और यूपीएससी सहित संबंधित पक्षों को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के चार सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा है।
कैट ने अपने फैसले में माना कि यदि चयन प्रक्रिया समय पर पूरी की जाती तो राज कुमार वालिया सेवाकाल के दौरान ही आईपीएस अधिकारी बन सकते थे। प्रशासनिक देरी का नुकसान किसी पात्र अधिकारी को नहीं दिया जा सकता।
अधिकरण ने निर्देश दिया है कि उनकी वास्तविक सेवानिवृत्ति और आईपीएस में नियुक्ति के बीच की अवधि को सतर्कता मंजूरी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के अधीन निरंतर सेवा माना जाए। साथ ही उन्हें आईपीएस अधिकारियों के लिए निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा संबंधी लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
एएसआई से एएसपी तक पहुंचे
कुरुक्षेत्र निवासी राज कुमार वालिया ने 26 फरवरी 1990 को हरियाणा पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के रूप में सेवा शुरू की थी। 10 नवंबर 1998 को उपनिरीक्षक, 21 सितंबर 2004 को इंस्पेक्टर, 19 फरवरी 2010 को डीएसपी और चार मार्च 2021 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) बने।
13 सितंबर 2019 को उन्हें एक अप्रैल 2012 से डीएसपी पद पर कन्फर्म किया गया था। करीब 35 साल की सेवा के बाद 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर वह 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो गए।
सेवानिवृत्ति से पहले बन जाते आईपीएस
वालिया की दलील थी कि एक जनवरी 2022 की पात्रता तिथि पर वह सेवा में थे, उनकी आयु 54 वर्ष से कम थी और वह आईपीएस पदोन्नति के लिए निर्धारित सभी शर्तें पूरी करते थे।
यदि विभाग ने चयन प्रक्रिया समय पर पूरी की होती तो वह सेवानिवृत्ति से पहले ही आईपीएस बन सकते थे। याचिका के अनुसार, हरियाणा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने भी पांच जून 2026 को उनकी नियुक्ति की सिफारिश की थी।
सेवानिवृत्ति और नियुक्ति के बीच की अवधि भी सेवा में गिनी जाएगी
कैट ने निर्देश दिया है कि वालिया को वर्ष 2022 के पैनल के अनुसार देय तिथि से काल्पनिक आईपीएस नियुक्ति दी जाए। उनकी वास्तविक सेवानिवृत्ति की तारीख और आईपीएस नियुक्ति के बीच की अवधि को सतर्कता मंजूरी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के अधीन सेवा में निरंतर माना जाएगा।
अधिकरण ने उन्हें आईपीएस अधिकारियों के लिए निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा संबंधी लाभ देने को भी कहा है। आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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