राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Recruitment Policy: हरियाणा में आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट-टू के तहत ग्रुप सी और डी में अनुबंध के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने या फिर उनकी मौत के मामले में दूसरे कर्मचारी की नियुक्ति के लिए किसी भी महकमे को सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। न ही नया विज्ञापन निकालना होगा। प्रतीक्षा सूची में शामिल दूसरे युवाओं को इस पद पर नियुक्त किया जाएगा। हालांकि प्रतीक्षा सूची एक साल से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।

मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, जिला उपायुक्तों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को लिखित आदेश जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं, आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट-दो के तहत खाली होने वाले पदों की जानकारी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भी देनी होगी, ताकि इन पदों पर पक्के कर्मचारियों की भर्ती की जा सके।

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दरअसल, सरकारी महकमों में अस्थायी भर्तियों में ठेकेदारी सिस्टम को खत्म करने के लिए आउटसोर्सिंग पालिसी बनाई गई है। आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट-एक में उन विभागों में नियुक्तियां की जाती हैं जहां काम का बोझ है, लेकिन पद स्वीकृत नहीं हैं। वहीं, आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट-दो में विभागों में स्वीकृत रिक्त पदों पर अस्थायी भर्तियां की जाती हैं। हालांकि कच्चे कर्मचारियों को ठेकेदारों के चंगुल से निकालने के लिए पहली बार कौशल रोजगार निगम बनाया गया है जो सभी सरकारी महकमों, बोर्ड-निगमों, सरकारी कंपनियों व स्वायत्त संस्थानों में अनुबंध आधार पर ग्रुप सी और डी के पदों पर भर्तियां करेगा।

हरियाणा में ठेकेदारों द्वारा अनुबंध आधार की भर्तियों में अनियमितताएं बरतने की शिकायतें मिलती रही हैं। इनमें वेतन नहीं देने, पीएफ में धांधली, आरक्षण के नियमों की धज्जियां और मनमर्जी से कर्मचारियों को नौकरी से हटाने सहित कई तरह की शिकायतें शामिल हैं।

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Edited By: Kamlesh Bhatt