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    Haryana News: गरीब छात्रों की शिक्षा के लिए निजी स्कूलों का बकाया राशि पर प्रदर्शन, सरकार समय से नहीं दे रही पैसा

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 05:42 AM (IST)

    गरीबों को पढ़ाने के बदले बकाया राशि के लिए निजी स्कूल एकजुट हो गए हैं। प्राइवेट स्कूल संघ ने शिक्षा निदेशक से मिलकर ज्ञापन सौंपा और बकाया राशि का मुद्दा उठाया। संघ ने चिराग योजना से वंचित छात्रों का मामला भी उठाया। शिक्षा निदेशक ने कागजात सत्यापित करके स्कूलों को भुगतान करने का आदेश दिया।

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    गरीबों को पढ़ाने के बदले बकाया राशि लेने के लिए लामबंद हुए निजी विद्यालय (स्कूल छात्र फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, पंचकूला। गरीबों को पढ़ाने के बदले बकाया राशि वसूलने के लिए निजी विद्यालय लामबंद हो गए हैं। प्राइवेट स्कूल संघ ने शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए बकाया राशि का मुद्दा उठाया।

    संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने शिक्षा निदेशक को बताया कि लंबे समय से अटकी इस राशि के कारण संस्थानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। स्कूलों को समय पर पैसा न मिलने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है।

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    चिराग योजना से वंचित बच्चों का मामला उठाते हुए कहा कि पिछले सत्र में अधूरे दस्तावेज अपलोड होने की वजह से कई बच्चों का नाम सूची में शामिल नहीं हो सका।

    इससे न केवल छात्रों का नुकसान हुआ, बल्कि स्कूल भी निर्धारित राशि से वंचित रहे। इस पर शिक्षा निदेशक ने आदेश दिए कि ऐसे बच्चों के कागजात का सत्यापन किया जाएगा और उनका पैसा स्कूलों को दिया जाएगा।

    बैठक में एसएलसी (स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट) से जुड़ी समस्या पर भी चर्चा हुई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कई बार अभिभावकों को समय पर एसएलसी नहीं मिलती, जिससे बच्चों का दाखिला प्रभावित होता है।

    इस पर निदेशक ने बताया कि अब आटो अपील सिस्टम पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई है। पहले सात दिन तक एसएलसी जारी करने का दायित्व स्कूल पर रहेगा, उसके बाद मामला खंड शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी तक चला जाएगा।

    स्कूल द्वारा रिजेक्शन का कारण पूछकर आगे कार्रवाई होगी। संघ ने एमआइएस पोर्टल खोलने की मांग भी दोहराई ताकि भविष्य में दस्तावेज अपलोड करने में कोई दिक्कत न आए। निदेशक ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर समाधान का आश्वासन दिया।