हरियाणा के सरकारी अस्पतालों ने जीता मरीजों का भरोसा, 3900 से अधिक सफल ऑपरेशन किए
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का विश्वास बढ़ रहा है। हाल ही में 3900 से अधिक सफल ऑपरेशन किए गए, जिनमें जन आरोग्य और चिरायु योजना के तहत लाभ मिला। मोतियाबिंद के ऑपरेशन भिवानी में सबसे अधिक हुए, जबकि पित्त की थैली के ऑपरेशन पंचकूला में। महिला नलबंदी ऑपरेशन सोनीपत में सबसे अधिक किए गए।

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में 3900 से अधिक सफल ऑपरेशन। सांकेतिक फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के इलाज की विश्वसनीयता और लोगों का भरोसा काफी हद तक बढ़ चुका है। विशेष शल्य चिकित्सा शिविरों में लोगों को जागरूक बनाने के बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में 3900 से अधिक आपरेशन सफलतापूर्वक किए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया था कि गंभीर बीमारियों के आपरेशन अब सरकारी अस्पतालों में लिए जाएंगे। तब प्राइवेट अस्पतालों ने यह कहकर हल्ला मचाया था कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं हैं, जबकि इतने अधिक आपरेशन सरकारी अस्पतालों में होने से वहां के इलाज के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ गया है।
17 से 22 नवंबर तक विशेष शल्य चिकित्सा जागरूकता शिविर
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि गरीबी के कारण अब कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित नहीं रहेगा। लोगों की सुविधा के लिए हाल ही में राज्य के सभी जिलों में 17 से 22 नवंबर तक विशेष शल्य चिकित्सा जागरूकता शिविर आयोजित किए गए थे, जिनका उद्देश्य उन्नत चिकित्सा सुविधा को जरूरतमंदों तक बिना आर्थिक बाधा के पहुंचना था।
एक सप्ताह तक चले इन शिविरों के दौरान प्रदेशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कुल 3,939 आपरेशन किए गए, जिनमें 3,114 बड़े आपरेशन तथा 825 छोटे आपरेशन शामिल रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिविरों के दौरान किए गए प्रमुख ओपरेशनों में 1241 मोतियाबिंद, 503 सिजेरियन, 366 महिला नलबंदी, 130 दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) द्वारा पित्त की थैली के आपरेशन शामिल हैं।
सरकारी डाक्टरों की टीम ने 92 कान के, 88 हरनिया के, 25 घुटना प्रत्यारोपण (टीकेआर) , 11 कूल्हा प्रत्यारोपण (टीएचआर) के आपरेशन किए हैं। आरती राव के अनुसार शिविरों के दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को आर्थिक राहत भी प्रदान की गई।
इनमें 2074 मरीजों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभ मिला, जबकि 661 मरीजों ने चिरायु योजना के तहत उपचार प्राप्त किया।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार मोतियाबिंद के आपरेशन भिवानी जिले में सबसे अधिक 230 और उसके बाद रोहतक में 151 किए गए, जबकि दूरबीन द्वारा पित्त की थैली के आपरेशन पंचकूला जिले में सबसे अधिक 36 और उसके बाद फरीदाबाद जिले में 25 किए गए।
रोहतक, महेंद्रगढ़ और झज्जर जिलों में चार-चार घुटना प्रत्यारोपण आपरेशन हुए। करनाल जिले में कान के 21 बड़े और 137 छोटे आपरेशन किए गए। सोनीपत जिले में सबसे अधिक 72 और उसके बाद पलवल जिले में 56 महिला नलबंदी आपरेशन इन शल्य चिकित्सा शिविरों में जागरूकता के बाद किए गए।

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