चंडीगढ़, जेएनएन। Goa CM Pramod Sawant: गोवा के सीएम डा. प्रमेाद सावंत ने कांग्रेस की भारत जोड़ाे यात्रा पर सवाल उठाए हैं। उन्‍होंंने पुर्तगाल के कब्जे से गोवा को आजाद कराने में देरी के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा जैसी सोच अब तब सोच दिखाते तो गोवा को 14 साल लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। न अमृतसर के जलियांवाला बाग की कहानी गोवा में दोहराई जाती। गाेवा में 15 अगस्त 1955 को आजादी की मांग कर रहे 30 निहत्थे सत्याग्रहियों को सरेआम गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

कहा- कांग्रेस की सोच सही होती ताे गोवा में नहीं होता जलियांवाला बाग जैसा हत्याकांड

डा. प्रमोद सावंत बुधवार को गोवा मुक्ति आंदोलन में बलिदान हुए करनैल सिंह बैनीपाल की पत्‍नी चरणजीत कौर को सम्मानित करने के लिए अंबाला के गांव बड़ौला पहुंचे थे। बैनीपाल मूल रूप से पंजाब के खन्ना के गांव ईसरू के रहने वाले थे जिनका परिवार बाद में बड़ौला मेें बस गया। बाद में डा. सावंत भाजपा विधायक असीम गोयल और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. अमित अग्रवाल के साथ चंडीगढ़ पहुंचे।

गोवा के सीएम जब से मिले तो चरणजीत कौर की आंख से बह निकले आंसू

गोवा के मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह माता चरणजीत कौर से मिले तो उनकी आंख में आंसू थे,  क्योंकि 67 साल बाद गोवा का कोई मुख्यमंत्री उनके पास पहुंचा। गोवा सरकार की ओर से उन्हें 10 लाख रुपये का चेक दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों आजादी के अमृत महोत्सव और गोवा के मुक्ति के 60 साल मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में चरणजीत कौर को गोवा सरकार ने विशेष रूप से आमंत्रित किया था, लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से वे नहीं जा पाईं। तब कार्यक्रम में पहुंचे उनके भाई-भाभी से वादा किया था कि वह खुद चरणजीत कौर के दर्शन करने अंबाला पहुंचेंगे।

करनैल सिंह बैनीपाल के नाम पर होगा पतरादेवी से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले मार्ग का नामकरण

सांवत ने कहा कि करनैल सिंह बैनीपाल के सम्मान में गोवा में पतरादेवी से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले मार्ग का नाम शहीद के नाम पर रखा जाएगा। इसके अलावा पतरादेवी में गोवा विमोचन सहायक समिति के सभी शहीदों की याद में स्मारक बनाया जा रहा है।

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कहा- लुटेरा था वास्को डी गामा

वास्को डी गामा को गोवा का लुटेरा करार देते हुए डा. सांवत ने कहा कि वर्तमान में इतिहास को दुरुस्त करना जरूरी है। असलियत में वास्को डी गामा क्या था, इसके बारे में सभी को बताया जाना चाहिए। उसने भारत की खोज नहीं की, बल्कि गोवा को जमकर लूटा।

कौन थे करनैल सिंह बैनीपाल

गोवा की मुक्ति के लिए काम करने वाले पुणे स्थित एक संगठन गोवा विमोचन सहायक समिति ने 15 अगस्त 1955 को गोवा की सीमा पार करके सामूहिक सत्याग्रह का फैसला किया था। सरदार करनैल सिंह बैनीपाल के समूह ने पतरादेवी बार्डर से गोवा में प्रवेश करने की कोशिश की। इसी दौरान सत्याग्रहियों के समूह का नेतृत्व कर रहीं मध्य प्रदेश युवा विधवा सहोद्रा देवी राय को पुर्तगालियों ने गोली मार दी। तभी 25 वर्षीय सरदार बैनीपाल आगे आए और पुलिस को महिलाओं पर हमला करने के बजाय उन पर गोली चलाने की चुनौती दी। इस पर पुलिस ने उन्हें भी गोली मार दी और वे बलिदान हो गए।

Edited By: Sunil kumar jha

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