Haryana News: जांच के बदले 1.40 करोड़ मांगने पर दो डॉक्टरों सहित चार गिरफ्तार, नकद समेत आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
सीबीआई ने ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक हिसार के एक डॉक्टर सहित दो डॉक्टरों को 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शर्मा ने रोहतक के प्रगति अस्पताल के खिलाफ जांच पूरी करने के लिए 1.40 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी निजी डॉक्टर और बिचौलिए को 10 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। सीबीआई ने शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने से संबंधित मामले में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक, हिसार के एक डॉक्टर सहित दो डॉक्टरों को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के हिसार क्षेत्रीय केंद्र में कार्यरत अनुराग शर्मा, रक्षा लेखा विभाग में वरिष्ठ लेखा अधिकारी श्याम सुंदर, चिकित्सक और बिचौलिया नितिन शर्मा व एक अन्य व्यक्ति धर्मपाल को गिरफ्तार किया।
1.40 करोड़ रुपये की मांगी थी रिश्वत
आरोप है कि शर्मा ने रोहतक के प्रगति अस्पताल के खिलाफ जांच पूरी करने के लिए 1.40 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिससे अस्पताल को भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) पैनल के मरीजों को इलाज मिल जाता।
यह व्यवस्था जांच शुरू होने के बाद 6-7 महीने तक बंद रही थी। अस्पताल की संचालक डॉक्टर के पति ने सीबीआई को शिकायत दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने हाल ही में 35 लाख रुपये का भुगतान किया और कुल रिश्वत राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम मांगते हुए 35 लाख रुपये और देने को कहा गया।
जांच के दौरान गुप्त रूप से रिकार्ड एक टेलीफोन बातचीत पर भी गौर किया गया, जिसमें शिकायतकर्ता को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि दिल्ली चुनाव चल रहे हैं और वह भुगतान कर देगा।
आरोपियों को भेजा न्यायिक हिरासत में
सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी निजी डॉक्टर और बिचौलिए को 10 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा। इसके अलावा, क्षेत्रीय केंद्र, ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक, हिसार, हरियाणा में तैनात आरोपित डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया।
सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर पंचकूला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने तलाशी के दौरान 25 लाख रुपये नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
1 ठिकानों पर दबिश दी
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कोरपोरेशन लिमिटेड में हुए 411 करोड़ के घोटाले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को सरकारी अस्पतालों में रिएजेंट और मशीन सप्लाई करने वालों के 11 ठिकानों में दबिश दी।
दुर्ग, गंजपारा स्थित मोक्षित कोरपोरेशन के साथ जीई रोड स्थित सीबी कोरपोरेशन, हरियाणा स्थित पंचकूला और रायपुर के धरसींवा, तर्रा स्थित श्री शारदा इंडस्ट्रीज में एसीबी की टीम ने छानबीन की है। रिएजेंट और मशीन उपलब्ध कराने वाली कंपनी के भ्रष्टाचार को लेकर नई दुनिया ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
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