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    चंडीगढ़ पर पंजाब-हरियाणा में रार; मनोहर, हुड्डा व चौटाला ने दिखाई एकजुटता, पढ़ें किसने क्या की टिप्पणी

    By Kamlesh BhattEdited By:
    Updated: Sat, 02 Apr 2022 08:26 AM (IST)

    पंजाब की भगवंत मान सरकार ने चंडीगढ़ के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाया और चंडीगढ़ पर अपना अधिकार जताया। इस पर हरियाणा के राजनीतिक दल एकजुट हो गए हैं। कहा ...और पढ़ें

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    मनोहर लाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अभय चौटाला की फाइल फोटो।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। चंडीगढ़ पर सिर्फ अपना हक जताने वाले पंजाब विधानसभा में पारित रेसोलुशन (प्रस्ताव) के विरोध में हरियाणा के विभिन्न राजनीतिक दल एकजुट हो गए हैं। इन दलों के नेताओं ने आपस में हाथ बांधते हुए न केवल पंजाब विधानसभा में पारित इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया, बल्कि दोनों राज्यों के बीच चल रहे अन्य मसलों के समाधान की चिंता भी की है।

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    एसवाईएल नहर का निर्माण, अलग हाई कोर्ट और विधानसभा के कमरों पर पंजाब के कब्जे की याद कराते हुए हरियाणा के नेताओं ने कहा कि चंडीगढ़ पर हरियाणा का बराबर का हक है और इस पर राज्य की दावेदारी को किसी सूरत में कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जब पंजाब विधानसभा में पारित प्रस्ताव की सूचना मिली, तब वह गुरुग्राम में थे। वहां उन्होंने तुरंत प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई और कहा कि चंडीगढ़ को लेकर पंजाब सरकार के एकतरफा रेसोलुशन का कोई अर्थ नहीं है। पंजाब सरकार इस मसले पर लोगों को गुमराह करने में लग गई है।

    हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री से मिलकर एसवाईएल नहर निर्माण के मसले पर अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए और साथ ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर हरियाणा के हितों के लिए चंडीगढ़ और एसवाईएल पर एक प्रस्ताव पास करना चाहिए, ताकि चंडीगढ़ के मुद्दे पर शाह कमीशन की रिपोर्ट और एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट के हरियाणा के पक्ष के निर्णय को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।

    विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा का है और इस पर हमारा पूरा हक है। हम किसी सूरत में चंडीगढ़ को हरियाणा के हाथ से नहीं जाने देंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल हरियाणा के अंतरराज्यीय मसलों के समाधान के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल तैयार करें तथा प्रधानमंत्री से मुलाकात की तैयारी करें। हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए हम सब एकजुट हैं।

    प्रधानमंत्री से मिलने की तैयारी करें मनोहर लाल

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि हमने कई बार मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाए, जो राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा और हरियाणा के हितों की सुरक्षा का आग्रह करेगा।

    हुड्डा ने कहा कि चंडीगढ़ को लेकर पंजाब की दावेदारी उचित नहीं है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं। हरियाणा का बच्चा-बच्चा इसका विरोध करता है। चंडीगढ़ हमारी राजधानी है। इसी तरह, एसवाईएल नहर का निर्माण होना चाहिये। चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में पंजाब के राज्यपाल के साथ-साथ हरियाणा के राज्यपाल को भी मौका मिलना चाहिए। विधानसभा के कमरों पर पंजाब के कब्जे को मुक्त कराया जाना चाहिए। हरियाणा का अलग सचिवालय, अलग राजधानी और अलग विधानसभा चंडीगढ़ में ही बननी चाहिए। 

    तुरंत विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं: सीएम

    इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत प्रधानमंत्री से मिलने तथा एसवाईएल व चंडीगढ़ पर अपनी बात को मजबूती से रखने का सुझाव दिया है। साथ ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इससे पहले भी अकाली दल-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस, हरियाणा के हक को रौंदते हुए पंजाब में ऐसे प्रस्ताव पास कर चुके हैं।

    चौटाला ने कहा कि शाह कमीशन की रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि चंडीगढ़ पर पहला हक हरियाणा का है और अगर चंडीगढ़, पंजाब को दिया जाता है तो 109 हिंदी भाषी गांव हरियाणा को दिए जाएंगे। इनेलो इन मसलों पर सरकार के साथ खड़ा नजर आएगा।