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    Haryana News : मनोहर लाल सरकार के आठ साल का सफर, इन आठ बड़े फैसलों से बदली तस्‍वीर

    By Sunil Kumar JhaEdited By:
    Updated: Wed, 26 Oct 2022 08:20 AM (IST)

    Eight Years of Manohar Lal Government हरियाणा की मनोहर लाल सरकार के आठ साल एक दिन बाद यानि 27 अक्‍टूबर को पूरे हो जाएंगे। अपने आठ साल केे कार्यकाल में मनोहर लाल सरकार ने आठ ऐसे महत्‍वपूूर्ण फैसले किए जिससे तस्‍वीर बदल गई।

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    हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल । (फाइल फोटो)

    अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। Eight Years of Manohar Lal Government:  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार को 27 अक्टूबर को आठ साल पूरे होने जा रहे हैं। सबका साथ-सबका विकास और हरियाणा एक-हरियाणवी एक के सिद्धांत को अपनाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन आठ सालों में यूं तो सैकड़ों फैसले लिए, लेकिन इस डबल इंजन की सरकार के आठ प्रमुख फैसले ऐसे हैं, जो प्रदेश की जनता तथा भाजपा शासित राज्य सरकारों के लिए नजीर (उदाहरण) बन गए हैं।

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    डबल इंजन सरकार का हरियाणा को मिला फायदा

    हरियाणा को डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्‍य में भाजपा की सरकार) का फायदा मिला है। पिछले आठ सालों में सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि अगर कोई है तो वह सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और मैरिट के आधार पर युवाओं का चयन है।

    सरकारी भर्ती में पारदर्शिता आई व नौकरी माफिया हुआ बेनकाब 

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर सीआइडी और विजिलेंस हरियाणा में बरसों से जमे बैठे उस नौकरी माफिया को बेनकाब करने में भी कामयाब रही है, जिसने सरकारी नौकरियां बेचने में महारथ हासिल कर रखी थी। हवन में आहुति डालते समय हाथ जलते ही हैं, ठीक इसी तर्ज पर जब मनोहर सरकार ने नौकरी माफिया पर हाथ डाला तो विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार में ही माफिया पनपने के आरोप लगाने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दिया, लेकिन सच्चाई यह है कि यदि नौकरी माफिया पर नकेल नहीं डाला जाता तो आज मेरिट में आने वाले युवाओं को नौकरियां मिलने की बजाय पर्ची-खर्ची के सिस्टम में यकीन रखने वाले ही नौकरियां पाते।

    आठ साल में 98 हजार नौकरियां दी गईं

    भाजपा सरकार ने अपने आठ साल के कार्यकाल में 98 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं, जो किसी भी मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सबसे अधिक हैं। नेशनल एजुकेशन पालिसी को अपने राज्य में दो साल पहले यानी 2023 में लागू करने का लक्ष्य लेकर चल रही मनोहर सरकार ने नौवीं से 12वीं क्लास के बच्चों को पांच लाख लेपटाप दिए हैं। राज्य सरकार की आनलाइन शिक्षक तबादला नीति का पूरे देश में डंका है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में मनोहर सरकार की इस नीति की दिल खोलकर सराहना कर चुके हैं। शिक्षकों के आनलाइन तबादलों के बाद अब इस सिस्टम को बाकी सरकारी विभागों में भी लागू किया गया है।

    गांवों में लाल डोरा खत्‍म किया गया

    हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में भू-स्वामित्व योजना लागू की है। प्रदेश सरकार ने गांवों में लाल डोरा खत्म कर दिया है और शहरों में इस योजना को लागू करने की तैयारी है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि लाल डोरे के दायरे में रहने वाले लोग अब प्रापर्टी के मालिक बन गए हैं और वह ऐसी प्रापर्टी की खरीद फरोख्त भी कर सकते हैं। कर्ज लेकर निर्माण कार्य कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने पूरे देश में हरियाणा की इस भूस्वामित्व योजना को लागू किया है।

    अधिग्रहण की बजाय किसानों से खरीदी गई जमीन

    हरियाणा सरकार प्रदेश की विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहीत करने से साफ बची रही है। भाजपा जब विपक्ष में थी, तब भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार पर सीएलयू कारोबार चलाने व किसानों की जमीन के जबरदस्ती अधिग्रहण के आरोप लगाती थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपनी सरकार में किसानों की जमीन का अधिग्रहण करने की बजाय उनकी मर्जी से जमीन खरीदने की परिपाटी आरंभ की, जिसके लिए ई-भूमि पोर्टल बनाया गया।

    किसान इस पोर्टल पर स्वयं अपनी जमीन बेचने की पेशकश करते हैं। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) मुख्यमंत्री की बेहद मह्तवाकांक्षी योजना है। परिवार पहचान पत्र में पूरे प्रदेश की जनता का डाटा अपलोड किया गया है। जैसे-जैसे लोग सरकारी योजनाओं के लाभ के पात्र होते जाएंगे, उन्हें बिना किसी आवेदन के इन योजनाओं का लाभ मिलता चला जाएगा।

    सबसे अधिक फसलें एमएसपी पर खरीदने वाला राज्य

    हरियाणा देश में एकमात्र ऐसा राज्य है, जो अपने यहां 16 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर रहा है। प्रदेश सरकार बाजरा तक एमएसपी पर खरीदती है। ऐसा पहली बार हुआ, जब किसानों की बासमती बाजार रेट से अधिक पर हैफेड ने खरीदी। नतीजतन हरियाणा सरकार अब दो लाख टन बासमती चावल के निर्यात का लक्ष्य लेकर चल रही है।

    राज्य में करीब साढ़े छह हजार गांव हैं। इनमें से करीब साढ़े पांच हजार गांवों में जगमग हरियाणा के तहत 24 घंटे बिजली की व्यवस्था की जा चुकी है। पानी बचाने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत तथा बर्बाद फसलों के लाभ के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल आरंभ किए गए हैं, जिनकी चर्चा देश भर में है। महाग्राम और ग्राम दर्शन के बाद नगर दर्शन पोर्टल योजना को भी खासा पसंद किया जा रहा है।