Haryana News: दूल्हे को घोड़ी चढ़ने से रोकने पर तनाव, वंचित समाज ने राजपूतों के खिलाफ दी शिकायत; थाने का किया घेराव
रायपुररानी के गांव मौली में एक वंचित समाज के दूल्हे को घोड़ी पर सवार होकर जाने से रोकने का मामला तूल पकड़ रहा है। वंचित समाज के लोगों ने देर रात रायपुररानी थाने का घेराव कर लिया और पुलिस पर शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। समाज के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करती।

संवाद सहयोगी, रायपुररानी। गांव मौली में राजपूत समुदाय द्वारा एक वंचित समाज के दूल्हे को घोड़ी पर सवार होकर जाने से रोकने का मामला तूल पकड़ रहा है। वंचित समाज के लोगों ने देर रात रायपुररानी थाने का घेराव कर लिया और पुलिस पर शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
वंचित समाज के लोगों ने कहा कि उनकी समाज की लड़कियों के साथ बदसलूकी हुई, लेकिन हमारी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही। देर रात तक थाने का वंचित समाज ने घेराव करके रखा और डीसीपी हिमाद्री कौशिक को मौके पर बुलाने की जिद्द पर अड़े रहे। समाज के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करती, तो आज हमें घेराव करने की जरूरत नहीं पड़ती।
'डीएसपी को ही देंगे शिकायत'
जब गांव मौली में वंचित समाज का महिलाओं से बदसलूकी हुई, तो उसके बाद महिलाएं पैदल ही थाने तक पहुंच गईं और थाने का घेराव किया। इस दौरान सभी थानों और चौंकियों के इंचार्ज मौके पर पहुंच गए और थाने में पुलिस फोर्स भी जमा हो गई। थाने का घेराव करने वाले लोगों ने कहा कि जब तक डीसीपी नहीं आएंगी, तब तक शिकायत नही देंगें। इस दौरान भीम आर्मी के नेताओं ने एसीपी और एसएचओ के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
पुलिस चौकी के घेराव की सूचना मिलते ही एसीपी सुरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंच गए। एसीपी ने इन लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत पर जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वंचित समाज के लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने डीसीपी को मौके पर बुलाने को कहा। स्थिति तनावपूर्ण होने के चलते पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है।
जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि गांव मौली में रविवार को एक वंचित समाज की एक लड़की की शादी थी। उससे शादी करने के लिए दुल्हा बग्घी पर आने वाला था। जिसको लेकर राजपूत समुदाय को एतराज था, लेकिन पुलिस को इस संबंध में सूचना मिल गई थी। बरात में जब बग्घी लाने की बात आई तो गांव में चार दिन पहले दोनों समुदायों के बीच बैठक हुई थी।
बैठक में समाज के लोगों ने बेटियां सबकी बराबर होने की बात कहकर बग्घी पर शादी करने पर सहमति जताई थी। पुलिस विभाग के सीआईडी सहित अन्य विभाग के रिपोटों के मुताबिक शादी के दिन हालात सामान्य नहीं होने के आसार थे। ऐसे में शादी के दिन गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। जब गांव में बारात आई तो कुछ लोगों ने बग्घी ले जाने का विरोध किया।
इस स्थिति को पुलिस ने संभाला। बारात के लिए शहजादपुर की बग्घी को बुक किया गया था। रविवार को कुछ लोगों ने रास्ते में ही रोककर बग्घी चालक के साथ हाथापाई की। कहा कि वापस लौट जाए। बग्घी वाले ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। रायपुररानी एसएचओ समेत अन्य पुलिसकर्मी पंचकूला व अंबाला बार्डर से बग्घी को लेकर दुल्हन के घर तक पहुंचे थे। बाद में पुलिस ने शादी होने के बाद दूल्हा-दुल्हन को बरात सहित भेज दिया था।
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