Haryana politics: नगर निगम के साथ परिषद प्रधान का चुनाव भी पार्टी सिंबल पर लड़ेगी कांग्रेस, उदयभान ने मांगे आवेदन
हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है। प्रभारी और सह-प्रभारी पार्टी नेताओं की लड़ाई में उलझे हुए हैं। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने नई लकीर खींचते हुए चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे हैं। कांग्रेस ने पहले सिर्फ नगर निगम चुनाव सिंबल पर लड़ने का फैसला किया था लेकिन अब नगर परिषद के प्रधान पद के चुनाव भी सिंबल पर लड़ेगी।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी व सह प्रभारी भी पार्टी नेताओं की लड़ाई तथा गुटबाजी का हिस्सा बन गए हैं। शहरी निकाय चुनाव को लेकर प्रभारी व सह प्रभारी लगातार कमेटियों का गठन कर रहे हैं, वहीं प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने नई लकीर खींचते हुए चुनाव लड़ने के चाहवानों से आवेदन मांग लिए हैं।
कांग्रेस ने पहले सिर्फ नगर निगम चुनाव सिंबल पर लड़ने का फैसला किया था, लेकिन नगर परिषद व पालिकाओं के चुनाव सिंबल पर लड़ने अथवा नहीं लड़ने का फैसला सह प्रभारियों जितेंद्र बघेल व प्रफुल्ल पटेल पर छोड़ने के बाद तय हुआ कि पार्टी नगर परिषद के प्रधान पद के चुनाव भी सिंबल पर लड़ेगी।
इच्छुक कांग्रेसी 11 फरवरी तक जमा करा सकेंगे फॉर्म
नगर पालिका के अध्यक्ष व पार्षद तथा नगर परिषदों के पार्षदों के चुनाव बिना सिंबल के लड़े जाएंगे। प्रभारी तथा सह-प्रभारियों की ओर से की जा रही नियुक्तियों के मामले में प्रदेशाध्यक्ष की अनदेखी किए जाने की खबरें लगातार चल रही हैं।
उदयभान ने कहा है कि कांग्रेस नगर निगम (पार्षद और मेयर) व नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ने जा रही है। इसलिए चुनाव लड़ने के इच्छुक कांग्रेसी 11 फरवरी शाम पांच बजे तक आवेदन फॉर्म जमा करवा सकते हैं।
नगर परिषद के वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव के लिए गठित अपने जिले की समिति से संपर्क कर सकता है, ताकि उसके पार्टी चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने या न लड़ने पर विचार किया जा सके।
बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग
उदयभान ने साफ किया कि नगर पालिका का कोई भी चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं लड़ा जाएगा। क्योंकि यह भाईचारे का चुनाव होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बैठक कर बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग उठाने का फैसला लिया है।
इस दौरान चुनाव आयोग से अपील करेंगे कि चुनाव बैलट पेपर सी ही कराएं। इससे चुनाव में पारदर्शिता आएगी। इसके संबंध में सोमवार को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग में जाकर गुहार लगाएगा। कांग्रेस पहले भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी। प्रदेश में एससी और ओबीसी को रिजर्वेशन के मुताबिक सीटें नहीं दिए जाने के मुद्दे को भी चुनाव आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।