कांग्रेस के गढ़ों में BJP की सेंधमारी, रोहतक से नितिन नवीन और करनाल में अमित शाह; 'वोट चोरी' और SIR पर देंगे जवाब
हरियाणा भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत कांग्रेस के गढ़ों में सेंध लगाने की तैयारी की है।
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अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति इरानी और नितीन नबीन ने संभाला मोर्चा (फाइल फोटो)
HighLights
भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू
रोहतक, फरीदाबाद, करनाल में राष्ट्रीय नेताओं की पदयात्राएं
कांग्रेस के वोट चोरी आरोपों का राजनीतिक जवाब देगी भाजपा
अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा ने ''लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ'' अभियान के बहाने कांग्रेस के खिलाफ सियासी मोर्चेबंदी तेज कर दी है।
पार्टी ने प्रदेश के सभी 10 लोकसभा क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए पदयात्राओं की कार्ययोजना तैयार की है। खास बात यह है कि भाजपा अपने इस अभियान की शुरुआत कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लोकसभा क्षेत्र रोहतक से कर रही है।
इसके अलावा फरीदाबाद व करनाल लोकसभा क्षेत्रों में भी यह पदयात्राएं निकाली जाने वाली हैं। इन तीनों लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेता राजनीतिक संदेश देने का काम करेंगे।
कांग्रेस को जवाब देने की तैयारी
भाजपा की इन पदयात्राओं का मकसद केवल जनसंपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के वोट चोरी, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों का राजनीतिक जवाब देना भी है।
हरियाणा दिवस यानी एक नवंबर को रोहतक में पदयात्रा की शुरुआत होगी, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे। इसी दिन फरीदाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिरकत करेंगे।
पांच नवंबर को करनाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पदयात्रा में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल करनाल से सांसद हैं। भाजपा प्रभारी स्मृति इरानी और सह प्रभारी डा. भोला सिंह भी इन पदयात्राओं में शामिल हो सकते हैं।
दोनों पार्टियों के पांच पांच-पांच लोकसभा सीटें
हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में भाजपा और कांग्रेस के पास पांच-पांच सीटें हैं। कांग्रेस के पास अंबाला, हिसार, सोनीपत, रोहतक और सिरसा सीटें हैं, जबकि भाजपा के पास करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीटों का प्रतिनिधित्व मौजूद है।
ऐसे में भाजपा की रणनीति अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने के साथ कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में राजनीतिक जमीन उपजाऊ बनाने की है।
बीजेपी के लिए रोहतक महत्वपूर्ण
रोहतक का चयन विशेष राजनीतिक महत्व रखता है। यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी के जरिये भाजपा कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक केंद्रों में अपनी सक्रियता दिखाना चाहती है।
वहीं, फरीदाबाद में केंद्रीय नेतृत्व की भागीदारी दक्षिण हरियाणा में संगठनात्मक संदेश देने की कोशिश मानी जा सकती है। पांच नवंबर को अमित शाह का करनाल दौरा भी महत्वपूर्ण है।
पदयात्रा के बाद वह अंबाला छावनी के गांधी मैदान में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ मंत्री अनिल विज हैं। अमित शाह स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े शहीदी स्मारक का लोकार्पण करेंगे। इस तरह राजनीतिक अभियान के साथ राष्ट्रवादी और ऐतिहासिक प्रतीकों को भी जोड़ने की रणनीति दिखाई दे रही है।
एसआइआर पर सियासी संग्राम, भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी लड़ाई
भाजपा का यह अभियान ऐसे समय में हो रहा है, जब कांग्रेस देशभर में वोट चोरी और एसआइआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है।
कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग तक उठा चुकी है। भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने का संदेश देना चाहती है।
हरियाणा भाजपा की अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के अनुसार, अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनविश्वास मजबूत करना और राजनीतिक स्वार्थ के लिए फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना है।
मतदाता सूची का सही और अपडेट होना जरूरी है। पदयात्राओं के माध्यम से एसआइआर को लेकर जनता तक तथ्यपरक जानकारी पहुंचाई जाएगी।
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