राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Recruitment Scam: जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा पूरी कर चुके पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला को राज्य सतर्कता ब्यूराे (विजिलेंस) ने एक भर्ती मामले में राहत दे दी है। विजिलेंस ने चौटाला को वर्ष 2002 में हुई हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) भर्ती मामले में क्लीनचिट दी है।

हरियाणा लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्यों सहित 21 लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप

विजिलेंस को भर्ती की अनियमितता के मामले में चौटाला के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि विजिलेंस ब्यूरो ने 17 साल चली जांच में हरियाणा लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्यों सहित कुल 21 लोगों को फर्जीवाड़े में शामिल पाया है।

विजिलेंस ने चौटाला के शासनकाल में हुई एचसीएस भर्ती में गड़बड़ी पकड़ी थी

विजिलेंस ब्यूरो ने 20 साल पहले चौटाला सरकार में हुई एचसीएस भर्ती में बड़ी संख्या में गड़बड़ियां पकड़ी थी। 101 अभ्यर्थी ऐसे थे जिनकी 198 उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी मिली है। भर्ती में अनियमितताओं को लेकर जिन 21 लोगों को आरोपित बनाया गया है, उनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें हरियाणा लोक सेवा आयोग के तत्कालीन सदस्य मेहर सिंह सैनी और गुलशन भारद्वाज के साथ ही परीक्षक डा. केडी पांडे शामिल हैं। इसलिए ब्यूरो ने 18 आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है।

तीन आरोपितों की हो चुकी मौत, विजिलेंस ब्यूरो ने 18 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांगी अनुमति

विजिलेंस ब्यूरो ने सरकार से आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष डा. केसी बांगड़, सचिव हरदीप सिंह और सदस्यों महेंद्र सिंह, एनएन यादव, जगदीश राय, नरेंद्र विद्यालंकार, दयाल सिंह, सुरेश कुमार गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 19 के तहत केस चलाने की अनुमति मांगी है। डा. केसी बांगड़ इस समय जननायक जनता पार्टी की राजनीति करते हैं।

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इसके साथ ही परीक्षक जेसी कंपन, एसके वर्मा, जगदीश सिंह, डा. महेश्वरी प्रसाद, प्रो. वी चंद्रा मौली, डा. आरके बोस, आरके पूनिया, प्रो. पुष्पिंदर कुमार, दरवेश गोपाल और प्रेम सागर चतुर्वेदी के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति देने की अपील की है। तीन आरोपितों की मौत हो चुकी है।

विजिलेंस ने कहा- अंक देने में की गई हेराफेरी

विजिलेंस ब्यूरो ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि एचसीएस भर्ती में 15 उम्मीदवारों के या तो आंसर शीट में अंक बढ़ाए या साक्षात्कार में ज्यादा अंक दिए गए। जिन उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा में ज्यादा अंक थे, उन्हें साक्षात्कार में कम अंक दिए ताकि या तो उनका चयन न हो या उनका नाम मेरिट में नीचे चला जाए। इसके उलट जिनके लिखित परीक्षा में कम अंक थे, उन्हें साक्षात्कार में ज्यादा अंक देकर अनुचित लाभ दिया ताकि उनका चयन हो सके।

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हरियाणा लोकसेवा आयोग के तत्‍कालीन अध्‍यक्ष पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप 

यह भी आरोप है कि हरियाणा लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष व सदस्यों ने कुछ परीक्षकों से मिलीभगत कर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अयोग्य उम्मीदवारों को अनुचित लाभ देकर चयन किया। अयोग्य उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं में काट-छांट कर नंबर बढ़ाए और साक्षात्कार में ज्यादा अंक दिए। इसी तरीके से कई अभ्यर्थियों के नंबर घटा दिए और साक्षात्कार में कम अंक दिए जिससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका।

Edited By: Sunil kumar jha

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